Lokah Chapter 1 ने रचा इतिहास, चौथे शनिवार को बंपर कमाई

केरल से निकली एक अनोखी सुपरहीरो गाथा ने अब पूरे भारत में तहलका मचा दिया है। 'Lokah: Chapter 1 – Chandra' ने चौथे शनिवार को बॉक्स ऑफिस पर एक बार फिर जबरदस्त छलांग लगाई और ₹3.15 करोड़ की कमाई की। इसके साथ ही फिल्म की भारत में कुल कमाई अब ₹133.65 करोड़ तक पहुंच चुकी है, और अब यह तेज़ी से ₹150 करोड़ क्लब की ओर बढ़ रही है।

कल्याणी प्रियदर्शन की मुख्य भूमिका से सजी यह चित्रकला अब तक की सबसे अधिक कमाई करने वाली मलयालम भाषा की फिल्म बन चुकी है। इतना ही नहीं, यह अब भारत में बनी महिला-प्रधान फिल्मों में भी सबसे अधिक आय अर्जित करने वाली फिल्म बन गई है। चौथे शनिवार को मलयालम क्षेत्रों में इसने कुल मिलाकर लगभग अड़तालीस प्रतिशत दर्शक संख्या दर्ज की, जिसमें रात्रिकालीन प्रदर्शन में लगभग सत्तर प्रतिशत स्थान भरे गए — जो इसकी लोकप्रियता का प्रमाण हैं।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर निर्माता दुलकर सलमान ने एक प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय पत्रिका हॉलीवुड रिपोर्टर से बात करते हुए कहा, “यह हमारी सातवीं प्रस्तुति है और अब तक हम हमेशा सुरक्षित राह पर चलते आए हैं। परंतु ‘लोकाह’ जैसी सफलता पहले कभी नहीं देखी। अभिनेता के रूप में भी मेरी कोई अन्य कृति इतनी तेज़ी से जनमानस तक नहीं पहुँची।” उन्होंने आगे कहा, “लोगों ने पहले ही दिन इसे देखा, अपने विचार साझा किए, रील व मीम्स बनाए — यह सब किसी स्वप्न की तरह लग रहा है।”
डोमिनिक अरुण द्वारा निर्देशित इस चलचित्र में कल्याणी के अतिरिक्त नसलेन के. गाफ़ूर, सैंडी मास्टर, अरुण कुरियन तथा विजयराघवन भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई दिए। विशेष बात यह रही कि दुलकर सलमान ओडियान नामक पात्र में विशेष उपस्थिति में नजर आए, वहीं थोवीनो थॉमस चथन नामक पात्र के रूप में एक संक्षिप्त भूमिका में उपस्थित रहे।

निर्देशक डोमिनिक अरुण ने यह पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि अगला अध्याय थोवीनो थॉमस के पात्र पर केंद्रित होगा, जबकि तीसरे खंड में दुलकर सलमान मुख्य भूमिका में होंगे।

अब सभी दर्शकों की दृष्टि इस बात पर टिकी है कि क्या ‘लोकाह: चैप्टर 1’ एक सौ पचास करोड़ की सीमा पार कर पाएगी। साथ ही यह देखना भी रोचक होगा कि क्या यह मलयालम सिनेमा को एक नवीन शृंखला युग की ओर ले जा पाएगी। परंतु जो बात अब निर्विवाद है, वह यह कि ‘लोकाह’ अब केवल एक फिल्म नहीं रही — यह एक सांस्कृतिक प्रवाह बन चुकी है, जिसने भाषा और क्षेत्र की सीमाओं को पार कर लिया है।