बंगाल के हालात पर टीवी एक्ट्रेस का छलका दर्द, बोलीं- 'राज्य छोड़ना पलायन नहीं, युवाओं की मजबूरी है'

टीवी एक्ट्रेस पूजा बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की मौजूदा स्थिति को लेकर अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त की हैं। राज्य में जहां एक ओर पहले चरण की वोटिंग जारी है, वहीं इससे ठीक पहले 22 अप्रैल को उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने बंगाल से हो रहे पलायन और वहां के मौजूदा हालात पर विस्तार से अपनी राय रखी।

वीडियो में पूजा बनर्जी ने कहा कि राज्य में ऐसी इंडस्ट्रीज और अवसरों की भारी कमी है, जो युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोककर आगे बढ़ने का मौका दे सकें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “बंगाल के युवा अपनी इच्छा से राज्य नहीं छोड़ रहे हैं। यह पलायन नहीं बल्कि एक मजबूरी बन चुकी है। हर दिन हजारों लोग यहां से बाहर जा रहे हैं, क्योंकि वे जाना चाहते हैं इसलिए नहीं, बल्कि इसलिए क्योंकि उनके पास विकल्प नहीं बचते। सच्चाई बहुत सरल है—जहां अवसर होते हैं, लोग वहीं रुकते हैं और जहां अवसर खत्म हो जाते हैं, वहां से लोग मजबूरी में चले जाते हैं। राज्य में कैपिटल फॉर्मेशन 6.7% से घटकर 3% से भी नीचे आ गया है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह औद्योगिक विकास की रफ्तार को दर्शाता है।”
आगे अपनी बात को विस्तार देते हुए उन्होंने कहा कि अन्य राज्य लगातार विकास कर रहे हैं, नए उद्योग स्थापित कर रहे हैं और रोजगार के अवसर बढ़ा रहे हैं, इसी वजह से युवा वहां की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “आखिर एक पूरी पीढ़ी से कितनी उम्मीद की जाए? कब तक उनसे समझौता करने को कहा जाएगा? कब तक यह स्थिति रहेगी कि राज्य छोड़कर जाना ही उनके लिए एकमात्र विकल्प बन जाए? हम सभी ने बचपन से यह विश्वास किया था कि अच्छी पढ़ाई और मेहनत के बाद हमें अपने ही राज्य में अवसर मिलेंगे, लेकिन कहीं न कहीं वह भरोसा टूटता नजर आता है।”

उन्होंने आगे यह भी कहा कि आज स्थिति यह है कि डिग्रियों और ग्रेजुएट्स की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनके अनुरूप रोजगार के अवसर उतने नहीं बढ़ पा रहे हैं। पूजा बनर्जी ने भावुक होकर कहा कि यह वही भूमि है जिसने रवींद्रनाथ टैगोर, सुभाष चंद्र बोस और सत्यजीत रे जैसे महान व्यक्तित्वों को जन्म दिया है, इसलिए प्रतिभा कभी समस्या नहीं रही। असली समस्या अवसरों की कमी है। उन्होंने कहा कि लोगों को यहां सपने देखना सिखाया गया, लेकिन उन सपनों को यहीं पूरा करने के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं कराए गए।

अपने संदेश के अंत में उन्होंने कहा, “हम जहां भी जाएं, बंगाल हमेशा हमारे साथ रहता है, लेकिन मजबूरी में यहां से जाना पड़ना सही नहीं है। यह कोई सामान्य पलायन नहीं है, बल्कि धीरे-धीरे होता हुआ एक खामोश अलविदा है।”

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के 294 सदस्यों के चयन के लिए चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल, 2026 को दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे। इन चुनावों के परिणाम 4 मई, 2026 को घोषित किए जाने की संभावना है।