बिग बॉस 19 का ग्रैंड प्रीमियर धमाकेदार अंदाज़ में हुआ और 16 कंटेस्टेंट्स ने घर में कदम रखते ही खेल का रंग जमा दिया। शो की शुरुआत से ही सभी सदस्य एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश में ऊंची आवाज़ में अपनी-अपनी राय रखते नज़र आए। इसी दौरान बिग बॉस ने बड़ा ऐलान किया—इस सीज़न में सारे फैसले उन्हीं के हाथ में होंगे और घर का संचालन पूरी तरह उन्हीं के हिसाब से चलेगा। सबसे पहला टास्क दिया गया कि 16 में से किसी एक कंटेस्टेंट को चुना जाए, जो बेडरूम में सोने के लायक नहीं है, क्योंकि बिस्तर केवल 15 ही हैं।
पहले टास्क में कंटेस्टेंट्स की परीक्षाबिग बॉस की घोषणा के बाद मृदुल तिवारी ने आगे बढ़कर कहा कि वे स्वेच्छा से अपना बिस्तर छोड़ देंगे और बाहर सोने को तैयार हैं। वहीं डिनर टेबल पर अमाल मलिक ने अपने परिवार की पहचान और सलमान खान से रिश्तों पर बात की, जिसने सबका ध्यान खींचा। दूसरी ओर, प्रणित मोरे और गौरव खन्ना की मज़ेदार नोकझोंक से माहौल हल्का-फुल्का हो गया। लेकिन रात को अमाल के खर्राटों ने अवेज़ दरबार को खासा परेशान कर दिया।
वोटिंग राउंड और फरहाना का एविक्शनअसली ड्रामा तब शुरू हुआ जब सभी कंटेस्टेंट्स को असेंबली रूम में बुलाकर सबसे अयोग्य सदस्य के लिए वोटिंग करने को कहा गया। नतीजों में फरहाना भट्ट और नीलम सबसे निचले पायदान पर आ गईं। फरहाना ने अपनी मज़बूतियों का ज़िक्र कर खुद का बचाव किया, जबकि कुनिका ने उन पर बदतमीजी का आरोप लगाया। लंबी बहस के बाद अंततः फरहाना को घर से बाहर कर दिया गया। नीलम ने बाकी सदस्यों से सवाल किया कि उन्होंने उसके खिलाफ क्यों वोट किया, जिस पर जवाब मिला कि अगर फरहाना नहीं जातीं तो बाहर होना उसी को पड़ता।
ट्विस्ट इन द टेल: फरहाना गई सीक्रेट रूम मेंघरवालों को लगा कि फरहाना का सफर खत्म हो गया है। वह तान्या की मदद से अपना सामान पैक कर निकल गईं। लेकिन जैसे ही सभी को लगा कि खेल से उनका पत्ता कट गया है, बिग बॉस ने सीक्रेट ट्विस्ट पेश किया। फरहाना को सीधे बाहर भेजने के बजाय उन्हें सीक्रेट रूम में रखा गया, जहां से वे बाकी सदस्यों की हर गतिविधि देख और सुन सकती हैं। यही नहीं, उन्हें कुछ खास फैसले लेने का अधिकार भी दिया गया।
घरवालों को भनक तक नहींदूसरी तरफ, घर में मौजूद कंटेस्टेंट्स को इस रहस्य की कोई जानकारी नहीं थी। अशनूर कौर, अमाल मलिक और मृदुल तिवारी आपस में बैठकर फरहाना के व्यवहार पर चर्चा करते रहे। उन्हें इस बात का अंदाज़ा भी नहीं था कि फरहाना उनकी बातें सुन रही हैं और उनकी रणनीतियों को समझ रही हैं।