भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और चर्चित सार्वजनिक शख्सियत पवन सिंह को गृह मंत्रालय (MHA) की ओर से वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय खुफिया ब्यूरो (IB) की रिपोर्ट के बाद लिया गया, जिसमें अभिनेता के खिलाफ संभावित सुरक्षा खतरे की आशंका जताई गई थी, खासकर बिहार में।
गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, पवन सिंह की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ कमांडो के हवाले की गई है। उन्हें 24 घंटे सुरक्षा दी जाएगी। वाई श्रेणी की इस सुरक्षा में कुल आठ सुरक्षा कर्मी शामिल होंगे — जिनमें पांच सशस्त्र गार्ड उनके आवास पर तैनात रहेंगे और तीन पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) शिफ्ट में ड्यूटी देंगे।
यह कदम इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) द्वारा तैयार की गई एक खतरे की धारणा रिपोर्ट के बाद उठाया गया है, जिसमें अभिनेता के लिए, विशेष रूप से बिहार में, संभावित खतरों पर प्रकाश डाला गया है।
यह कदम उस समय उठाया गया है जब पवन सिंह की सार्वजनिक और राजनीतिक उपस्थिति लगातार बढ़ रही है। हाल के महीनों में उन्हें कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं से मुलाकात करते देखा गया, जिसके बाद उनके राजनीति में संभावित प्रवेश या किसी राजनीतिक सहयोग की अटकलें तेज़ हो गईं।
एमएचए सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था सीआरपीएफ कमांडो द्वारा संभाली जाएगी, जो सिंह को चौबीसों घंटे सुरक्षा प्रदान करेंगे। वाई-श्रेणी की सुरक्षा में कुल आठ कर्मी शामिल हैं, जिनमें उनके आवास पर तैनात पाँच सशस्त्र सुरक्षा गार्ड और तीन निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) शामिल हैं, जो बारी-बारी से शिफ्ट में काम करते हैं।
भोजपुरी सिनेमा के दिग्गज कलाकार पवन सिंह न केवल अपने हिट फिल्मों और गीतों के लिए जाने जाते हैं, बल्कि बिहार और उत्तर प्रदेश के ग्रामीण तथा अर्धशहरी इलाकों में उनकी लोकप्रियता असाधारण है। युवाओं के बीच उनका प्रभाव इतना व्यापक है कि राजनीतिक दलों के लिए यह जनसमर्थन अहम माना जा रहा है, खासकर आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले।
अधिकारियों ने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि खुफिया रिपोर्ट में किस तरह के खतरे का जिक्र किया गया है, लेकिन यह पुष्टि की गई है कि सुरक्षा तैनाती की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है।