उम्र बढ़ना त्वचा की प्राकृतिक प्रक्रिया है और इसे पूरी तरह रोकना संभव नहीं है। लेकिन त्वचा पर उम्र के असर को जल्दी और ज्यादा स्पष्ट होने से बचाने में रोज की कुछ आदतें मदद कर सकती हैं। उम्र बढ़ने के साथ त्वचा पतली, कम लचीली और अधिक रूखी हो सकती है। वहीं लंबे समय तक सूरज की UV किरणों के संपर्क में रहने से झुर्रियां, दाग-धब्बे और त्वचा की बनावट में बदलाव जल्दी दिखाई दे सकते हैं।
इसलिए एंटी-एजिंग स्किन केयर का मतलब केवल महंगे क्रीम या सीरम इस्तेमाल करना नहीं है। त्वचा को सूरज से बचाना, नमी बनाए रखना, बहुत ज्यादा प्रोडक्ट न लगाना और त्वचा में जलन पैदा करने वाली आदतों से बचना ज्यादा महत्वपूर्ण है। डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह के आधार पर ये 8 आसान उपाय रोज के रूटीन में शामिल किए जा सकते हैं।
1. सनस्क्रीन को रोज की आदत बनाएंअगर चेहरे पर उम्र के निशान जल्दी नहीं दिखने देना चाहते हैं तो सनस्क्रीन को सबसे महत्वपूर्ण कदमों में रखें। सूरज की UV किरणों से होने वाला नुकसान समय के साथ जमा होता रहता है और यह झुर्रियों, उम्र के दाग और त्वचा के ढीलेपन में योगदान कर सकता है।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी SPF 30 या उससे अधिक, ब्रॉड-स्पेक्ट्रम और जरूरत के अनुसार वॉटर-रेसिस्टेंट सनस्क्रीन चुनने की सलाह देती है। इसे चेहरे के साथ उन हिस्सों पर भी लगाया जाना चाहिए जो कपड़ों से ढके नहीं हैं।
केवल धूप वाले दिन ही सनस्क्रीन लगाने की जरूरत नहीं है। UV किरणें बादलों के बीच से भी पहुंच सकती हैं, इसलिए बाहर निकलने वाली दिनचर्या में सन प्रोटेक्शन को नियमित रखना जरूरी है।
2. त्वचा को जरूरत से ज्यादा न रगड़ेंचेहरे को साफ रखने के लिए बार-बार स्क्रब करना या त्वचा को जोर से रगड़ना जरूरी नहीं है। जरूरत से ज्यादा exfoliation त्वचा में irritation पैदा कर सकता है और कुछ मामलों में उम्र के निशान और भी ज्यादा स्पष्ट दिखाई दे सकते हैं।
इसलिए रोजाना की सफाई के लिए त्वचा के प्रकार के अनुसार माइल्ड क्लींजर इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है। खासकर अगर त्वचा पहले से संवेदनशील या रूखी है तो कठोर स्क्रब और बहुत ज्यादा एक्टिव प्रोडक्ट से बचना चाहिए।
3. मॉइस्चराइजर को नजरअंदाज न करेंउम्र बढ़ने के साथ त्वचा की नमी बनाए रखने की क्षमता कम हो सकती है। NIA के अनुसार उम्र के साथ त्वचा पतली और कम लचीली होने के साथ अधिक सूखी भी हो सकती है।
मॉइस्चराइजर त्वचा में पानी को बनाए रखने में मदद करता है और कुछ महीन रेखाओं को कम दिखाई देने में मदद कर सकता है। AAD के अनुसार मॉइस्चराइजिंग से त्वचा अधिक मुलायम और बेहतर दिख सकती है।
अगर त्वचा ऑयली है तो हल्का और नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर चुना जा सकता है, जबकि बहुत रूखी त्वचा में अधिक मॉइस्चराइजिंग क्रीम उपयोगी हो सकती है।
4. बहुत सारे एंटी-एजिंग प्रोडक्ट एक साथ न लगाएंझुर्रियां देखकर एक साथ कई सीरम, क्रीम और एक्टिव ingredients शुरू करना सही रणनीति नहीं है। AAD के अनुसार बहुत ज्यादा प्रोडक्ट, खासकर एक साथ कई एंटी-एजिंग प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से त्वचा में irritation हो सकती है।
रेटिनॉयड, विटामिन C और दूसरे एक्टिव ingredients कुछ खास त्वचा संबंधी समस्याओं में उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन हर व्यक्ति को इनकी जरूरत नहीं होती। AAD के अनुसार रेटिनॉयड का इस्तेमाल फाइन लाइन्स, झुर्रियों, मुंहासों और कुछ डार्क स्पॉट के लिए किया जाता है।
अगर किसी एक्टिव प्रोडक्ट से जलन, तेज लालिमा या burning महसूस हो तो उसे लगातार इस्तेमाल करने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
5. नए प्रोडक्ट को सीधे पूरे चेहरे पर न लगाएंकिसी नए स्किन केयर प्रोडक्ट को पहली बार इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना उपयोगी हो सकता है। AAD नए प्रोडक्ट की थोड़ी मात्रा को छोटी जगह पर कई दिनों तक टेस्ट करने की सलाह देता है, ताकि किसी संभावित reaction का पता चल सके।
यह खास तौर पर तब महत्वपूर्ण हो जाता है जब प्रोडक्ट में एक्टिव ingredients हों या आपकी त्वचा पहले से संवेदनशील हो। किसी प्रोडक्ट के महंगे होने का मतलब यह नहीं है कि वह आपकी त्वचा के लिए बेहतर ही होगा।
6. धूम्रपान से दूरी रखेंस्किन एजिंग केवल बाहर से इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोडक्ट पर निर्भर नहीं करती। AAD के अनुसार धूम्रपान त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है।
इसलिए केवल एंटी-एजिंग क्रीम पर निर्भर रहने के बजाय ऐसी आदतों से बचना भी जरूरी है जो त्वचा की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
7. त्वचा को लगातार हाइड्रेट रखेंउम्र बढ़ने के साथ त्वचा में रूखापन बढ़ सकता है। NIA की त्वचा संबंधी सलाह में पर्याप्त हाइड्रेशन, रोज मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल और स्वस्थ खान-पान को त्वचा की देखभाल का हिस्सा बताया गया है।
हालांकि केवल पानी पीने को झुर्रियों का इलाज नहीं माना जा सकता। त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए बाहरी मॉइस्चराइजिंग और अन्य स्किन केयर आदतें भी महत्वपूर्ण हैं।
8. त्वचा में होने वाले बदलावों को नजरअंदाज न करेंउम्र के साथ कुछ झुर्रियां, रूखापन और उम्र के दाग सामान्य बदलाव हो सकते हैं। लेकिन चेहरे या शरीर पर किसी नए या बदलते हुए निशान को केवल उम्र का असर मान लेना ठीक नहीं है। NIA किसी चिंताजनक त्वचा बदलाव की स्थिति में डॉक्टर से जांच कराने की सलाह देता है।
इसी तरह अगर किसी स्किन केयर प्रोडक्ट के इस्तेमाल के बाद लगातार जलन, लालिमा, खुजली या त्वचा में खराबी हो रही है तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
झुर्रियों से बचाव में सबसे ज्यादा ध्यान किस पर दें?अगर पूरे रूटीन को बहुत सरल रखना हो तो रोजाना तीन चीजों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है—त्वचा की हल्की सफाई, पर्याप्त मॉइस्चराइजिंग और नियमित सन प्रोटेक्शन। इनमें सनस्क्रीन को खास महत्व दिया जाता है, क्योंकि लंबे समय तक UV exposure त्वचा की समय से पहले उम्र बढ़ने के प्रमुख बाहरी कारणों में से एक है।
एंटी-एजिंग स्किन केयर में किसी एक क्रीम से झुर्रियां पूरी तरह खत्म करने की गारंटी नहीं होती। AAD भी ऐसे उत्पादों को लेकर सावधानी बरतने और त्वचा की जरूरत के अनुसार प्रोडक्ट चुनने की सलाह देता है। कुछ उत्पादों को असर दिखाने में कई सप्ताह लग सकते हैं।
इसलिए चेहरे पर उम्र का असर रोकने के बजाय उसे समय से पहले और ज्यादा स्पष्ट होने से बचाने पर ध्यान देना ज्यादा व्यावहारिक है। नियमित सन प्रोटेक्शन, मॉइस्चराइजिंग, कम irritation वाला स्किन केयर रूटीन और त्वचा में होने वाले असामान्य बदलावों पर नजर रखना लंबे समय तक त्वचा को स्वस्थ रखने की दिशा में उपयोगी कदम हो सकते हैं।