बारिश के मौसम में कई लोगों को त्वचा से जुड़ी परेशानियां बढ़ने लगती हैं। हवा में नमी अधिक होने से पसीना आसानी से नहीं सूखता और चेहरे पर तेल, पसीना व गंदगी जमा होने से त्वचा चिपचिपी नजर आ सकती है। इसी वजह से कुछ लोगों में बंद रोमछिद्र, मुंहासे और बेजान त्वचा की समस्या भी बढ़ सकती है।
ऐसे मौसम में स्किनकेयर रूटीन को बहुत लंबा करने की जरूरत नहीं है। त्वचा को साफ रखने, जरूरत के मुताबिक हल्का मॉइस्चराइजर लगाने और धूप से बचाव करने जैसी बुनियादी आदतें ज्यादा उपयोगी हो सकती हैं। त्वचा विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर मानसून में इन 7 बातों का ध्यान रखा जा सकता है।
1. चेहरा बार-बार नहीं, सही तरीके से साफ करेंबारिश में पसीना और अतिरिक्त तेल बढ़ने पर चेहरे को साफ रखना जरूरी है, लेकिन बार-बार फेस वॉश करना या जोर से स्क्रब करना त्वचा में जलन पैदा कर सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार, ऑयली त्वचा वाले लोग चेहरे को दिन में अधिकतम दो बार और पसीना आने के बाद हल्के क्लींजर से साफ कर सकते हैं। बहुत कठोर क्लींजर त्वचा को परेशान कर सकता है।
2. हल्का मॉइस्चराइजर लगाना न छोड़ेंचेहरा चिपचिपा महसूस होने पर मॉइस्चराइजर पूरी तरह छोड़ देना जरूरी नहीं है। त्वचा की जरूरत के अनुसार हल्का, ऑयल-फ्री या नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर चुना जा सकता है। नॉन-कॉमेडोजेनिक का मतलब ऐसे उत्पाद से है जिसके रोमछिद्र बंद करने की संभावना कम हो।
3. बारिश में भी सनस्क्रीन जरूरी हैबादल और बारिश होने का मतलब यह नहीं है कि दिन में त्वचा को UV किरणों से बचाने की जरूरत नहीं है। बाहर निकलते समय ब्रॉड-स्पेक्ट्रम SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। ऑयली या मुंहासे वाली त्वचा के लिए नॉन-कॉमेडोजेनिक विकल्प देखा जा सकता है।
4. चेहरे से अतिरिक्त तेल को रगड़ने के बजाय हल्के हाथ से हटाएंदिन में चेहरा बहुत ऑयली हो जाए तो उसे बार-बार धोने या रगड़ने के बजाय ब्लॉटिंग पेपर से अतिरिक्त तेल को हल्के हाथ से सोखा जा सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी ऑयली त्वचा में ब्लॉटिंग पेपर को रगड़ने के बजाय चेहरे पर हल्के से दबाने की सलाह देती है।
5. बहुत ज्यादा स्क्रब और एक्सफोलिएशन से बचेंमानसून में चेहरा डल दिखने पर कई लोग बार-बार स्क्रब करने लगते हैं। इससे त्वचा में जलन हो सकती है और स्किन बैरियर प्रभावित हो सकता है। इसलिए केवल चमक लाने के लिए कठोर स्क्रब या जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएशन करने से बचना बेहतर है।
6. त्वचा और कपड़ों को ज्यादा देर तक गीला न रहने देंमानसून में सिर्फ चेहरे पर ही ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। लगातार नमी और पसीने के कारण शरीर के कुछ हिस्सों में त्वचा संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए बारिश में भीगने के बाद शरीर को अच्छी तरह सुखाना और गीले कपड़े ज्यादा देर तक न पहने रखना जरूरी है।
7. स्किनकेयर रूटीन को सरल रखेंबारिश में त्वचा के लिए बहुत सारे प्रोडक्ट एक साथ इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है। एक बेसिक रूटीन में त्वचा के अनुसार हल्का क्लींजर, जरूरत होने पर मॉइस्चराइजर और दिन में सनस्क्रीन शामिल किया जा सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी बहुत सारे उत्पाद इस्तेमाल करने के बजाय सरल और लगातार अपनाई जाने वाली स्किनकेयर रूटीन पर जोर देती है।
अगर त्वचा पर लगातार खुजली, जलन, असामान्य दाने, दर्दनाक मुंहासे या कोई ऐसा बदलाव हो जो सामान्य स्किनकेयर से ठीक न हो, तो खुद से नए उपचार आजमाने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए एक ही रूटीन सभी के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं होती।