हेयर ट्रांसप्लांट कराने से पहले जान लें ये जोखिम, सूजन से लेकर इंफेक्शन और बाल झड़ने तक हो सकती हैं ये समस्याएं

बालों का झड़ना बढ़ने पर हेयर ट्रांसप्लांट कई लोगों के लिए बालों की कमी वाले हिस्से को दोबारा भरने का विकल्प हो सकता है। लेकिन इसे केवल सौंदर्य से जुड़ी प्रक्रिया मानना सही नहीं है। यह एक सर्जिकल प्रक्रिया है, इसलिए इसके साथ कुछ सामान्य दुष्प्रभाव और कुछ संभावित जटिलताएं भी जुड़ी होती हैं। सूजन, दर्द, खुजली, सिर की त्वचा में खिंचाव या कुछ समय के लिए संवेदना कम होना आम समस्याओं में शामिल हैं। संक्रमण, रक्तस्राव, निशान या लगाए गए बालों का अपेक्षित रूप से न उगना जैसी समस्याएं भी संभव हैं।

हेयर ट्रांसप्लांट में आम तौर पर सिर के ऐसे हिस्से से बालों की जड़ें निकाली जाती हैं जहां बाल अपेक्षाकृत घने और स्थायी होते हैं। इन जड़ों को सिर के उस हिस्से में लगाया जाता है जहां बाल कम हो गए हैं या गंजापन दिखाई दे रहा है। फॉलिक्यूलर यूनिट एक्सट्रैक्शन यानी एफयूई में बालों की जड़ों को एक-एक करके निकाला जाता है, जबकि फॉलिक्यूलर यूनिट ट्रांसप्लांटेशन यानी एफयूटी में बालों वाली त्वचा की एक पट्टी लेकर उससे ग्राफ्ट तैयार किए जाते हैं।

ट्रांसप्लांट के बाद सूजन और दर्द हो सकता है


हेयर ट्रांसप्लांट के बाद सिर की त्वचा में दर्द, खिंचाव और सूजन होना सामान्य दुष्प्रभावों में शामिल है। कुछ मामलों में माथे या चेहरे के आसपास भी सूजन दिखाई दे सकती है। सिर की त्वचा में पपड़ी या छोटे निशान भी कुछ समय तक रह सकते हैं। आम तौर पर ये समस्याएं उपचार के बाद धीरे-धीरे कम होती हैं।

सिर में खुजली, धड़कन जैसा दर्द या त्वचा में अस्थायी रूप से संवेदना कम होना भी हो सकता है। Cleveland Clinic के अनुसार, सिर की त्वचा में सुन्नपन और खिंचाव अस्थायी दुष्प्रभावों में शामिल हो सकते हैं।

संक्रमण और रक्तस्राव का जोखिम भी रहता है

हेयर ट्रांसप्लांट एक शल्य प्रक्रिया है, इसलिए संक्रमण और रक्तस्राव का जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होता। संक्रमण होने पर सिर की त्वचा में बढ़ती लालिमा, तेज दर्द, पस या बुखार जैसे संकेत दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षणों को सामान्य रिकवरी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

बेहोशी या स्थानीय सुन्न करने वाली दवा से एलर्जी जैसी जटिलताएं भी दुर्लभ रूप से हो सकती हैं। इसी वजह से प्रक्रिया से पहले डॉक्टर को अपनी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और इस्तेमाल की जा रही दवाओं के बारे में बताना जरूरी होता है।

ट्रांसप्लांट के बाद कुछ बाल फिर झड़ सकते हैं

हेयर ट्रांसप्लांट के बाद लगाए गए बालों का कुछ समय बाद झड़ना भी हो सकता है। NHS के अनुसार, प्रत्यारोपित बाल कुछ सप्ताह बाद गिर सकते हैं और उसके बाद नए बाल दोबारा उगना शुरू होते हैं। नए बाल तुरंत दिखाई नहीं देते और परिणाम आने में कई महीने लग सकते हैं।

इसके अलावा, प्रत्यारोपित हिस्से के आसपास मौजूद प्राकृतिक बालों का झड़ना भी जारी रह सकता है। इसलिए ट्रांसप्लांट से पहले केवल मौजूदा गंजे हिस्से को देखना पर्याप्त नहीं है। डॉक्टर को यह भी देखना होता है कि भविष्य में बालों का झड़ना किस तरह बढ़ सकता है और उपलब्ध डोनर बालों का इस्तेमाल किस तरह किया जाए।

निशान और अपेक्षित परिणाम न मिलने का खतरा

हेयर ट्रांसप्लांट के बाद डोनर और बाल लगाए गए हिस्से में छोटे या बड़े निशान बन सकते हैं। एफयूई में आम तौर पर छोटे-छोटे निशान बनते हैं, जबकि एफयूटी में जहां से त्वचा की पट्टी ली जाती है वहां एक निशान रह सकता है।

कुछ मामलों में लगाए गए ग्राफ्ट अपेक्षित तरीके से विकसित नहीं होते। इससे बालों का घनत्व उम्मीद के मुताबिक न बन पाने या परिणाम प्राकृतिक न दिखने की समस्या हो सकती है। Cleveland Clinic ने खराब ग्राफ्ट वृद्धि और अस्वाभाविक दिखने वाले परिणाम को संभावित जटिलताओं में शामिल किया है।
हर तरह के बाल झड़ने में ट्रांसप्लांट सही विकल्प नहीं

हेयर ट्रांसप्लांट कराने से पहले यह पता लगाना जरूरी है कि बाल क्यों झड़ रहे हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार, बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं और अलग-अलग कारणों के लिए उपचार भी अलग हो सकता है। कुछ मामलों में बाल अपने आप दोबारा उग सकते हैं, इसलिए सीधे ट्रांसप्लांट कराने के बजाय पहले बाल झड़ने का कारण पता करना जरूरी है।

ट्रांसप्लांट मुख्य रूप से स्थायी गंजेपन या कुछ खास प्रकार के बालों के झड़ने में विकल्प हो सकता है। उदाहरण के लिए, आनुवंशिक या पैटर्न वाले गंजेपन में यह उपयोगी हो सकता है, जबकि हर तरह के बाल झड़ने में यह उपयुक्त नहीं होता। NHS भी बताता है कि कुछ अन्य प्रकार के बाल झड़ने, जैसे एलोपेसिया एरियाटा, में हेयर ट्रांसप्लांट आम तौर पर उपयुक्त नहीं माना जाता।

25 साल से कम उम्र में क्यों बरतनी पड़ती है ज्यादा सावधानी?

हेयर ट्रांसप्लांट के लिए केवल उम्र को आधार बनाना सही नहीं है। हालांकि, बहुत कम उम्र में भविष्य में होने वाले बालों के झड़ने का अनुमान लगाना मुश्किल हो सकता है। इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ हेयर रेस्टोरेशन सर्जरी की जानकारी के अनुसार, 25 वर्ष से कम उम्र के लोगों में भविष्य के बाल झड़ने का पैटर्न स्पष्ट न होने के कारण एफयूई कराने में विशेष सावधानी की जरूरत होती है।

इसका मतलब यह नहीं है कि 25 साल से कम उम्र में किसी भी व्यक्ति का ट्रांसप्लांट नहीं हो सकता। सही उम्र और उपयुक्तता व्यक्ति के बाल झड़ने के कारण, उसकी स्थिति, डोनर क्षेत्र और भविष्य में बाल झड़ने की संभावना जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है। आईएसएचआरएस के अनुसार, बहुत कम उम्र में ट्रांसप्लांट कराने पर भविष्य में जारी रहने वाले बालों के झड़ने के कारण योजना प्रभावित हो सकती है।

ट्रांसप्लांट के लिए सिर का 70 से 100 प्रतिशत खाली होना जरूरी नहीं

हेयर ट्रांसप्लांट के लिए सिर का 70 से 100 प्रतिशत खाली होना जरूरी है, यह दावा सही नहीं माना जा सकता। ट्रांसप्लांट की जरूरत और उपयुक्तता बालों के झड़ने की मात्रा के साथ-साथ डोनर क्षेत्र में उपलब्ध स्वस्थ बालों, बालों के प्रकार और भविष्य में बाल झड़ने की संभावना पर निर्भर करती है। Cleveland Clinic के अनुसार, ट्रांसप्लांट के लिए पहले यह देखना जरूरी होता है कि बालों का झड़ना स्थिर है या नहीं और पर्याप्त डोनर बाल उपलब्ध हैं या नहीं।

अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी बताती है कि ट्रांसप्लांट का विकल्प बालों के झड़ने के प्रकार और प्रभावित क्षेत्र के आधार पर तय किया जाता है। महिलाओं में भी कुछ परिस्थितियों में हेयर ट्रांसप्लांट विकल्प हो सकता है, लेकिन यदि पूरे सिर में बाल बहुत कम हैं और पर्याप्त स्वस्थ डोनर बाल उपलब्ध नहीं हैं, तो यह उपयुक्त विकल्प नहीं हो सकता।

डॉक्टर और क्लिनिक का चुनाव क्यों अहम है

हेयर ट्रांसप्लांट कराने से पहले केवल कीमत या विज्ञापन देखकर क्लिनिक चुनना उचित नहीं है। डॉक्टर की योग्यता, हेयर रेस्टोरेशन सर्जरी का अनुभव, इस्तेमाल होने वाली तकनीक, डोनर क्षेत्र की स्थिति और संभावित परिणामों की वास्तविक जानकारी लेना जरूरी है। NHS मरीजों को डॉक्टर की योग्यता, अनुभव, पहले किए गए ट्रांसप्लांट और जटिलताओं से निपटने की व्यवस्था के बारे में सवाल पूछने की सलाह देता है।

अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी बाल झड़ने का कारण जानने के लिए त्वचा रोग विशेषज्ञ से जांच कराने की सलाह देती है। जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर चिकित्सक खून की जांच या सिर की त्वचा की जांच जैसे कदम भी उठा सकता है, खासकर तब जब बाल झड़ने के पीछे किसी बीमारी, पोषण की कमी, हार्मोनल समस्या या संक्रमण की आशंका हो।

ट्रांसप्लांट के बाद तेज या लगातार दर्द, अत्यधिक रक्तस्राव, गंभीर लालिमा, बहुत ज्यादा सूजन, बुखार या घाव से पस निकलने जैसे लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है।