
कई आराजक तत्व नकली नोट बनाकर उन्हें बाजार में चलाने का काम करते हैं। ऐसे ही तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं जो खुलेआम सिखा रहे थे कि कैसे कागज से नकली नोट बनाया जाए। पुलिस को देखकर तीन शातिर ठग भागने लगे तो इनको दबोच लिया। अब पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है। शुरुआती पूछताछ में पता लगा कि ये ठग राह चलते लोगों को कागज पर नोट बनाने का तरीका बताते थे। ये पहले कागज को धागे में लपेटते फिर स्याही में डूबाते थे। कागज पर नोट को भी लपेटा जाता और वह हुबहू प्रिंट हो जाता है। इसके लिए वे स्याही या केमिकल के साथ ही थाली, कटोरी का भी उपयोग कर रहे थे। उनके पास से पुलिस ने केमिकल समेत अन्य सामग्री जब्त की है।
प्रतापनगर थाने के एसआई रामकृष्ण ने बताया कि वे गश्त पर थे। तब कायलाना रोड स्थित एक होटल के पास कुछ लोगों की संदिग्ध गतिविधियां नजर आई। मौके पर जाकर देखा तो वहां तीन लोग मिले। वे लोगों को कागज पर नोट उकेरना सीखा रहे थे। वे कागज से सौ-सौ के नोट बनाना बता रहे थे। पुलिस को संदेह है कि तीनों ठगों ने इसके लिए कुछ लोगों से रुपए भी लिए होंगे। एसआई रामकृष्ण के मुताबिक, पुलिस ने मौके से जोधपुर रहने वाले गिरधारीलाल पुत्र किशनगोपाल रंगा, सुल्तान पुत्र मुस्ताक खां और ओसियां तहसील के रहने वाले सत्यनारायण सोनी पुत्र जगदीश सोनी को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।














