अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मुद्दा एक बार फिर राजनीति के केंद्र में है। लगातार इसको लेकर उठती मांग के बीच अब संघ विचारक और राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा इस पर प्राइवेट मेंबर बिल ला सकते हैं। गुरुवार को राकेश सिन्हा ने ट्वीट कर कहा कि जो लोग बीजेपी और आरएसएस को उलाहना दे रहे हैं कि राम मंदिर की तारीख बताएं क्या वह उनके प्राइवेट बिल का समर्थन करेंगे। उन्होंने ट्विटर के जरिए ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी, लालू प्रसाद यादव और मायावती से सीधा सवाल किया, कि क्या वह उनके इस बिल का समर्थन करेंगे। वे लगातार बीजेपी और संघ पर तारीख नहीं बताएंगे की बात कहते हैं, क्या अब वह जवाब देंगे।
जो लोग @BJP4India @RSSorg को उलाहना देते रहते हैं कि राम मंदिर की तारीख़ बताए उनसे सीधा सवाल क्या वे मेरे private member bill का समर्थन करें
उन्होंने लिखा कि अब समय आ गया है कि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। राज्यसभा सांसद ने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट ने आखिर आर्टिकल 377, जलीकट्टू, सबरीमाला पर निर्णय लेने पर कितने दिन लिए? अयोध्या का मामला उनकी प्राथमिकताओं में नहीं है, लेकिन हिंदुओं की प्राथमिकता में वह जरूर है। उन्होंने कहा कि अगर वे प्राइवेट मेंबर बिल लाएंगे तो क्या उन्हें समर्थन मिलेगा? बता दें कि राम मंदिर पर बुधवार को संघ ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर कानून बनाना चाहिए ठीक उसी तरह जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल ने गुजरात में सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था।
इसी बीच राम मंदिर पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि वे (BJP) सोचते हैं कि भगवान राम उन्हें 2019 का चुनाव जिता देंगे। मगर चुनाव जीतने में ईश्वर मदद नहीं करेंगे क्योंकि वोट जनता करती है, भगवान राम या अल्लाह वोट नहीं करेंगे। दरअसल, राम मंदिर निर्माण की बात बीजेपी के घोषणा पत्र में भी है और जिन मुद्दों के सहारे बीजेपी सत्ता में आई, उनमें से एक प्रमुख अयोध्या में राम मंदिर का मामला भी है। बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में कहा था कि जब वह सत्ता में आएगी, राम मंदिर बनवाएगी। मगर साढ़े चार साल होने के बाद भी राम मंदिर न बनने पर विपक्ष अक्सर चुटकी लेते रहता है। कई दलों के नेता राम मंदिर के निर्माण की तारीख को लेकर बीजेपी को घेरते रहे हैं।
राकेश सिन्हा के इस बिल पर शिवसेना का कहना है कि अगर इस प्रकार का बिल संसद में पेश किया जाता है तो वह समर्थन करेंगे। वहीं समाजवादी प्रवक्ता जूही सिंह का कहना है कि अगर कोई सांसद प्राइवेट बिल ला रहा है तो क्या बीजेपी और आरएसएस का बतौर संगठन ये मुद्दा खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि हमारा स्टैंड साफ है कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसला का इंतजार करेंगे और वही मानेंगे।Will @RahulGandhi @SitaramYechury @laluprasadrjd Mayawati ji support Private member bill on Ayodhya? They frequently ask the date ‘तारीख़ नही बताएँगे ‘ to














