न्यूज़
Toxic Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

झारखंड: रेलवे स्टेशन जिसका कोई नाम नहीं

रांची से टोरी जाने वाली पैसेंजर ट्रेन लोहरदगा के बाद बिना नाम के रेलवे स्टेशन पर रुकती है जहां उस स्टेशन के नाम को लेकर झगड़ा चल रहा है

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Fri, 06 Jul 2018 7:42:41

झारखंड: रेलवे स्टेशन जिसका कोई नाम नहीं

क्या आपने कोई ऐसे रेलवे स्टेशन के बारे में सुना है जिसका कोई नाम ही नहीं है। रांची से टोरी जाने वाली पैसेंजर ट्रेन लोहरदगा के बाद बिना नाम के रेलवे स्टेशन पर रुकती है जहां उस स्टेशन के नाम को लेकर झगड़ा चल रहा है। सिर्फ एक मिनट के इस ठहराव के दौरान दर्जनों लोग उतरते हैं। वे कमले, बड़कीचांपी, छोटकीचांपी, सुकुमार आदि गांवों के रहने वाले हैं।

इन लोगों ने लोहरदगा और रांची में ट्रेन पर सवार होते वक्त बड़कीचांपी का टिकट लिया था। मतलब, इस 'अनाम' स्टेशन का नाम बड़कीचांपी है। फिर भी दूसरी जगहों की तरह इस प्लेटफॉर्म पर, यात्री शेड या किसी भी सार्वजनिक जगह पर स्टेशन का नाम नहीं लिखा गया है।

स्टेशन का नाम न लिखने के पीछे की वजह

कमले गांव की सुमन उरांव ने बताया कि इसके पीछे दो गांवों का विवाद है। इस कारण साल 2011 में इसकी शुरुआत के बावजूद अभी तक स्टेशन का नाम नहीं लिखा जा सका।

सुमन उरांव कहती हैं, "ये स्टेशन मेरे गांव कमले की जमीन पर बना हुआ है। इस कारण गांव के लोगों की मांग है कि इसका नाम 'कमले' होना चाहिए। हमने इसके निर्माण के लिए जमीन दी है। हमारे लोगों ने मजदूरी भी की है। तो फिर रेलवे ने किस आधार पर इसका नाम 'बड़कीचांपी' तय कर दिया। इस कारण हम लोगों ने प्लेटफॉर्म पर रेलवे स्टेशन का नाम नहीं लिखने दिया। "

कब से है विवाद

स्थानीय पत्रकार प्रसेनजीत बताते हैं, "ये विवाद सात साल पुराना है।" लोहरदगा रेलवे स्टेशन से टोरी की तरफ 14 किलोमीटर के बाद बने इस स्टेशन पर साल 2011 में 12 नवंबर को पहली बार ट्रेन का परिचालन हुआ था। तब यहां स्टेशन का नाम लिखने की कोशिश की गई थी। लेकिन, ग्रामीणों के विरोध के कारण ये संभव नहीं हो सका। इसके बाद रेलवे ने कई बार यह कोशिश की लेकिन ग्रामीण जुट गए और नाम नहीं लिखने दिया।

"पिछले साल भी रेलवे के अधिकारियों ने यहां स्टेशन का नाम लिखने की कोशिश की। तब पेंटर ने बड़की लिख भी दिया था। अभी चांपी लिखा जाना बाकी था कि यह खबर कमले गांव में फैली और सैकड़ों ग्रामीण वहां जमा हो गए। फिर लिखे हुए शब्द पर कालिख पोत दी और उसे मिटा दिया गया। इसके बाद से रेलवे ने विवाद के कारण फिर कभी इसका प्रयास नहीं किया।"

बना प्रतिष्ठा का सवाल


बड़कीचांपी के स्टेशन अधीक्षक प्रीतम कोय ने बताया कि कमले और बड़कीचांपी गांवों के लोगों ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है। "इस कारण हमें नाम लिखवाने में परेशानी हो रही है। दरअसल, स्टेशनों के नामकरण के वक्त स्थानीय लोगों से रायशुमारी की परंपरा है।"

"तब किसी ने इसपर आपत्ति जाहिर नहीं की होगी। तभी इसका नाम बड़कीचांपी प्रस्तावित किया गया होगा। अब हमारे रिकॉर्ड में बड़कीचांपी नाम होने के बावजूद हमलोग इसका डिस्प्ले नहीं कर पा रहे लेकिन टिकटों की बिक्री और दूसरे विभागीय दस्तावेज़ों में रेलवे इसका उल्लेख बड़कीचांपी ही करता है।"

बड़कीचांपी दरअसल लोहरदगा जिले के कुडू प्रखंड की एक पंचायत है। कमले गांव भी इसी पंचायत में है लेकिन रेलवे स्टेशन से बड़कीचांपी गांव की दूरी करीब 2 किलोमीटर है। र्जनभर गांवों के लोग इसी स्टेशन से ट्रेन पर सवार होते हैं।

बड़कीचांपी की मुखिया मुनिया देवी कहती हैं, "इस विवाद के समाधान के लिए सार्थक पहल की जरुरत है। रेलवे को यह पहल करनी होगी। क्योंकि, नाम का लिखा जाना या नहीं लिखा जाना तो बहुच छोटी समस्या है पर लोगों में टकराव बड़ सकता है।"
बीबीसी हिंदी

राज्य
View More

Shorts see more

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

  • चिया सीड्स हेल्दी हैं, सही कॉम्बिनेशन जरूरी
  • कुछ फूड्स के साथ सेवन से असर कम या पाचन खराब हो सकता है
  • डेयरी, शुगर, हाई फाइबर और ठंडी/नशीली चीजें बचें
read more

ताजा खबरें
View More

नेपाल की बाढ़ में सुरक्षित बचा हरा घर, मालकिन लक्ष्मी पांडेय बोलीं- ‘हमारा दूसरा जन्म हुआ’
नेपाल की बाढ़ में सुरक्षित बचा हरा घर, मालकिन लक्ष्मी पांडेय बोलीं- ‘हमारा दूसरा जन्म हुआ’
टाइम्स स्क्वायर में महिला ने 2 लोगों पर चाकू से किया हमला, एक की मौत; पुलिस ने आरोपी को मारी गोली
टाइम्स स्क्वायर में महिला ने 2 लोगों पर चाकू से किया हमला, एक की मौत; पुलिस ने आरोपी को मारी गोली
‘बेदाग थे, बेदाग हैं, बेदाग रहेंगे’, चंपत राय को लेकर केशव मौर्य ने पहले ही सुना दिया फैसला
‘बेदाग थे, बेदाग हैं, बेदाग रहेंगे’, चंपत राय को लेकर केशव मौर्य ने पहले ही सुना दिया फैसला
CJP को मनाने में जुटी सरकार, सौरभ दास बोले- पुडुचेरी तक पहुंच गई कमिटी
CJP को मनाने में जुटी सरकार, सौरभ दास बोले- पुडुचेरी तक पहुंच गई कमिटी
हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने पकड़ा तूल, कांग्रेस का प्रदर्शन का ऐलान; धामी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने पकड़ा तूल, कांग्रेस का प्रदर्शन का ऐलान; धामी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
PM मोदी की लोगों से खास अपील- जरूरत न हो तो सोना न खरीदें, विदेश में...
PM मोदी की लोगों से खास अपील- जरूरत न हो तो सोना न खरीदें, विदेश में...
‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर फिर बोली स्वरा भास्कर, यूजर्स ने जमकर किया विरोध
‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर फिर बोली स्वरा भास्कर, यूजर्स ने जमकर किया विरोध
'शादी एक बेकार कॉन्सेप्ट है', बादशाह का पुराना बयान फिर चर्चा में
'शादी एक बेकार कॉन्सेप्ट है', बादशाह का पुराना बयान फिर चर्चा में
दो सप्ताह फ्लॉप, चौथे में ब्लॉकबस्टर! ‘हनुमान अंश’ ने बदल दी बॉक्स ऑफिस की पूरी कहानी
दो सप्ताह फ्लॉप, चौथे में ब्लॉकबस्टर! ‘हनुमान अंश’ ने बदल दी बॉक्स ऑफिस की पूरी कहानी
‘टॉक्सिक’ की असफलता: कमजोर कथानक को ढक नहीं पाई सितारे की चमक, KGF की छाया से बाहर नहीं आए यश
‘टॉक्सिक’ की असफलता: कमजोर कथानक को ढक नहीं पाई सितारे की चमक, KGF की छाया से बाहर नहीं आए यश
'पति और बच्चों को बेरोजगार कहा', अर्चना पूरन सिंह के ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में जाने पर भड़के सुनील पाल
'पति और बच्चों को बेरोजगार कहा', अर्चना पूरन सिंह के ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में जाने पर भड़के सुनील पाल
कौन हैं शोभिनव सत्य? नीम करोली बाबा बनकर पहली ही फिल्म में जीता दर्शकों का दिल
कौन हैं शोभिनव सत्य? नीम करोली बाबा बनकर पहली ही फिल्म में जीता दर्शकों का दिल
हाथ में भाला, चेहरे पर खून और आंखों में गुस्सा… ‘मैसा’ में रश्मिका का नया अवतार देख फैंस के उड़े होश
हाथ में भाला, चेहरे पर खून और आंखों में गुस्सा… ‘मैसा’ में रश्मिका का नया अवतार देख फैंस के उड़े होश
सरकारी नौकरी का बड़ा मौका! MP में ग्रुप-3 के 1700 पदों पर भर्ती, 12 सितंबर तक करें आवेदन
सरकारी नौकरी का बड़ा मौका! MP में ग्रुप-3 के 1700 पदों पर भर्ती, 12 सितंबर तक करें आवेदन