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  • PM मोदी बोले- चेन्नई-व्लादिवोस्तोक के बीच जल्द चलेंगे जहाज, भारत और रूस की भागीदारी से विकास की रफ्तार 1+1= 11 होगी

PM मोदी बोले- चेन्नई-व्लादिवोस्तोक के बीच जल्द चलेंगे जहाज, भारत और रूस की भागीदारी से विकास की रफ्तार 1+1= 11 होगी

By: Pinki Thu, 05 Sept 2019 2:11 PM

PM मोदी बोले- चेन्नई-व्लादिवोस्तोक के बीच जल्द चलेंगे जहाज, भारत और रूस की भागीदारी से विकास की रफ्तार 1+1= 11 होगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) अपने दो दिवसीय दौरे के लिए रूस के व्लादिवोस्तोक में हैं। यहां पीएम मोदी ने ईस्टर्न इकॉनमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि 'व्लादिवस्तोक के शांत और प्रकाशमय वातावरण में आपके साथ संवाद करना एक सुखद अनुभव है।' बता दे इस यात्रा में पीएम मोदी ने गुरुवार सुबह जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से मुलाकात की। आज पीएम मोदी ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम में शामिल हुए, इसके अलावा उन्होंने बिजनेस पवेलियन का भी दौरा किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और रूस के साथ आनेपर विकास की रफ्तार को 1+1= 11 बनाने का मौका है। हाल ही में हमारे देश से कई नेता यहां पर आए और कई विषयों पर चर्चा की।

पीएम मोदी ने कहा कि' सुबह का उजाला, यहां से होकर दुनिया में फैलता है और पूरी दुनिया को उर्जावान बनाता है।' उन्होंने कहा कि 'मुझे पूरा विश्वास है कि आज का हमारा मंथन केवल फार ईस्ट नहीं बल्कि पूरी मानवजाति के कल्याण के प्रयासों को नई उर्जा और गति देगा।' पीएम ने कहा कि 'इस महत्वपूर्ण अवसर का मुझे हिस्सा बनाने के लिए मैं अपने मित्र राष्ट्रपति पुतिन का आभारी हूं।'

EEF कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि व्लादिमीर पुतिन की रूस के इस हिस्से के लिए रुचि काफी ज्यादा है, जो उनकी नीति में झलकती है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत कदम से कदम मिलाकर रूस के साथ चलना चाहता है। भारत में हम सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं, 2024 तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर बनाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।

पीएम बोले- हमारा रिश्ता बहुत पुराना

पीएम ने कहा कि 'भारत और Far East का रिश्ता आज का नहीं बहुत पुराना है। भारत वह पहला देश है जिसने व्लादिवस्तोक में अपना कांसुलेट खोला। तब भी और उससे पहले भी भारत और रूस के बीच बहुत भरोसा था।'

प्रधानमंत्री ने कहा कि 'जब अन्य विदेशियों पर पाबंदियां थीं, व्लादिवस्तोक भारतीयों के लिए खुला था। रभा और विकास के लिए बहुत सा साजो-सामान यहां से भारत पहुंचता था।'

पीएम मोदी ने कहा कि 'व्लादिवस्तोक यूरेशिया और पैसिफिक का संगम है। यह आर्कटिक और नॉर्दन सी रूट के लिए नए अवसर खोलता है। रूस का करीब तीन चौथाई भाग एशियाई है। फार ईस्ट इस महान देश की एशियन पहचान को मजबूत करता है। इस क्षेत्र का आकार भारत से करीब दो गुना है। जिसकी आबादी सिर्फ 6 मिलियन है।'

उन्होंने कहा कि 'राष्ट्रपति पुतिन का Far East के प्रति लगाव और विजन केवल इस क्षेत्र के लिए ही नहीं, अपितु भारत जैसे रूस के पार्टनर्स के लिए अभूतपूर्व अवसर लेकर आया है।' पीएम ने कहा कि 'भारत उनकी दूरदर्शी यात्रा में रूस के साथ चलना चाहता है।'

PM मोदी ने इस दौरान रूस के इस पूर्वी हिस्से के सभी 11 गवर्नरों को भारत आने का न्योता दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत-रूस के संबंध ऐतिहासिक मुकाम पर हैं। भारत और रूस मिलकर स्पेस की दूरियां पार करेंगे और समंदर की गहराइयों को मापेंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही चेन्नई और व्लादिवोस्तोक के बीच शिप चलेंगे।

ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत, चीन, रस, कोरिया, मलेशिया, जापान, मंगोलिया जैसे देशों के साथ हमारा साथ अटूट है। एशिया पैसेफिक रीजन के देशों का आने वाले दशकों में दुनिया में बड़ा प्रभाव होगा।

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