प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक रूप से पिछड़े तबके को सरकारी नौकरियों एवं शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण देने वाला विधेयक मंगलवार को लोकसभा में पारित होने पर इसे देश के इतिहास में ''ऐतिहासिक क्षण'' करार दिया। मंगलवार को लोकसभा में पेश किए गए आरक्षण विधेयक का लगभग सभी पार्टियों ने समर्थन किया और उसे पारित भी करा लिया। बिल के समर्थन में जहां 323 वोट पड़े वहीं, विरोध में महज 3 वोट।
लोकसभा में यह विधेयक पारित होने के बाद किए गए ट्वीट में मोदी ने कहा कि इसने एक ऐसे प्रभावी उपाय को हासिल करने की प्रक्रिया को गति दी है जिससे समाज के सभी वर्गों के लिए न्याय सुनिश्चित होगा। मोदी ने कहा, ''यह सुनिश्चित करना हमारा प्रयास है कि हर गरीब व्यक्ति, चाहे वह किसी भी जाति या संप्रदाय का हो, गरिमापूर्ण जीवन जिये और उसे हर संभव मौके मिलें।''
बता दे, लोकसभा में मंगलवार को सरकार ने संविधान संशोधन बिल पेश कर दिया था। इस मुद्दे पर बहस के बाद रात 9.55 बजे वोटिंग हुई। वोटिंग में 326 सांसदों ने हिस्सा लिया। इसमें संविधान संशोधन विधेयक के पक्ष में 323 वोट पड़े। 3 सांसदों ने इसका विरोध किया। बिल लोकसभा में पास हो गया। शाम 5 बजे से शुरू हुई बहस के बाद रात 9.55 बजे इस विधेयक पर वोटिंग हुई।
अब आज इस बिल को राज्यसभा में पेश किया जायेगा। सरकार के लिए असली अग्निपरीक्षा तो अब शुरू होगी। दरहसल, राज्यसभा में सरकार के पास बहुमत नहीं है। राज्यसभा में भाजपा के पास सबसे अधिक 73 सदस्य हैं, जबकि मुख्य विपक्षी कांग्रेस के 50 सदस्य हैं। राज्यसभा में अभी सदस्यों की कुल संख्या 244 है और कांग्रेस की जेपीसी की मांग इस बिल को लटका सकती है। सूत्रों ने यह भी बताया कि विपक्षी पार्टियों के नेता राज्यसभा की कार्यवाही एक दिन के लिए बढ़ाने के सरकार के ‘‘एकतरफा’’ कदम का भी विरोध कर रहे हैं और वे सदन में विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने बताया कि कांग्रेस इस विधेयक का समर्थन कर सकती है, जबकि विपक्षी पार्टियां इसे पारित करने में बाधा उत्पन्न कर सकती हैं।
We are resolutely committed to the principle of ‘Sabka Saath, Sabka Vikas.’
— Narendra Modi (@narendramodi) January 8, 2019
It is our endeavour to ensure that every poor person, irrespective of caste or creed gets to lead a life of dignity, and gets access to all possible opportunities.














