वाराणसी से इंदौर के बीच 20 फरवरी से शुरू होने वाली काशी महाकाल एक्सप्रेस की एक सीट को मंदिर का रूप दिया गया है। इस मंदिर में शिव की मूर्ति की भी स्थापना की गई है। ट्रेन की एक सीट को भगवान शिव के लिए आरक्षित करने और उसे मंदिर का रूप देने पर सियासत गरमा गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। ओवैसी ने ट्वीट कर पीएम मोदी को भारतीय संविधान के प्रस्तावना की याद दिलाई है।
ओवैसी ने ट्रेन की एक सीट को शिव मंदिर में बदलने पर आपत्ति जताते हुए एक ट्विट किया है। AIMIM चीफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह बताने की कोशिश की कि संविधान इस बात की घोषणा करता है कि भारत एक, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और गणतंत्र राष्ट्र है। रेलवे का यह कदम 'संविधान की आत्मा' कहे जाने वाले प्रस्तावना के खिलाफ है।
काशी महाकाल एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बे में बनाया शिव मंदिर, देखे तस्वीरें
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— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) February 17, 2020














