
धरती के सबसे तेज धावक उसेन बोल्ट भले ही अब मैदान पर दौड़ते नहीं हैं लेकिन उनके रेकॉर्ड आज भी कायम हैं। साल 2009 में बर्लिन में वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान उन्होंने 9.58 सेकंड में दौड़ पूरी की और वर्ल्ड रेकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता। लेकिन मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के एक युवक की दौड़ देख कर लगता है कि जल्द बोल्ट का रिकॉर्ड टूटने वाला है। हम बात कर रहे है शिवपुरी के एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले 19 साल के युवक रामेश्वर गुर्जर (Rameshwar Gurjar) की। इस युवक ने महज 11 सेकेंड में नंगे पैर 100 मीटर की दौड़ लगाई है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
India is blessed with talented individuals. Provided with right opportunity & right platform, they'll come out with flying colours to create history!
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) August 16, 2019
Urge @IndiaSports Min. @KirenRijiju ji to extend support to this aspiring athlete to advance his skills!
Thanks to @govindtimes. pic.twitter.com/ZlTAnSf6WO
रामेश्वर के इस कारनामे की मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी तारीफ की है। उन्होंने शुक्रवार रात को रामेश्वर का वीडियो शेयर किया। वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा 'भारत के पास कई सारी प्रतिभाएं हैं। उन्हें सही अवसर और सही मंच मुहैया कराया जाए तो वे इतिहास बनाने में आगे रहेंगे। देश के खेल मंत्री किरण रिजिजू से निवेदन करता हूं कि वे इस युवा एथलीट को उसकी स्किल्स सुधारने में मदद करेंगे।'
कुछ देर बाद रिजिजू ने चौहान के ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी और मामले में दखल देने का आश्वासन दिया। उन्होंने लिखा, 'शिवराज सिंह चौहान जी किसी से उस युवक को मेरे पास आने का कहिए। मैं उसे एथलेटिक एकेडमी में दाखिला दिलाने की व्यवस्था करूंगा।'
श्री @jitupatwari ने रामेश्वर को भोपाल आमंत्रित करते हुए कहा कि ऐसी प्रतिभा को बेहतर खेल सुविधा और प्रशिक्षण दिया जाए, तो वह 100 मीटर की दूरी 9 सेकेण्ड में ही तय कर सकता है। #JansamparkMP https://t.co/ADjEiBr1Fa
— Sports and Youth Welfare Department, MP (@MP_DSYW) August 13, 2019
खेल मंत्री जीतू पटवारी ने मंगलवार को रामेश्वर को भोपाल आमंत्रित करते हुए कहा कि ऐसी प्रतिभा को बेहतर खेल सुविधा, अच्छे शूज और प्रशिक्षण दिया जाए, तो वह 100 मीटर की दूरी 9 सेकेण्ड में ही तय कर सकता है। 10वीं कक्षा तक पढ़े रामेश्वर काफी गरीब परिवार से आते हैं। खेल मंत्री की ओर से आमंत्रण पाकर रामेश्वर काफी उत्साहित है। रामेश्वर का कहना है कि उन्हें एक मौके का इंतजार है और वह किसी भी रेस में देश और राज्य का नाम रोशन कर सकते हैं।














