
गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राज्य की खूंटी लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी कालीचरण मुंडा के पक्ष में आयोजित चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। उनका भाषण समाप्त होते ही कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मंच से 'चौकीदार चोर है' के नारे लगवाने प्रारंभ किये तो मंच के सामने पत्रकार दीर्घा के ठीक पीछे बैठी आधा दर्जन आदिवासी महिलाएं 'मोदी जिन्दाबाद' के नारे लगाने लगीं। यह देख कर आयोजक सकते में आ गये। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समर्थन में नारे लगा रही महिलायों से मीडियाकर्मियों ने इसकी वजह पूछी तो उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हैं, क्योंकि उन्होंने शौचालय, गैस कनेक्शन, मकान और बिजली दी है। ये आदिवासी महिलाएं यहीं तक नहीं रुकीं, उन्होंने पत्रकारों से पूछा कि क्या उनकी नारेबाजी के बारे में नोट कर लिया गया है।
यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी की चुनावी रैली में नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगा है। पहले भी कई मौकों पर राहुल गांधी के सामने मोदी जिंदाबाद का नारा लग चुका है। मार्च में बेंगलुरू में राहुल गांधी की एक सभा के बाहर 'मोदी मोदी' के नारे लगे थे और उन्हें जबरन हटाया गया था।
इससे पहले 28 फरवरी को कर्नाटक के बेलगावी जिले में राहुल गांधी की एक रैली के दौरान नरेंद्र मोदी की जय बोलने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया। एक रैली को संबोधित करने के बाद राहुल गांधी सावादाती जा रहे थे तभी 2 मोदी समर्थकों ने पीएम मोदी के समर्थन में नारे लगा दिए, जिनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।














