
जिले के बिजाैलियां क्षेत्र के भूती-उदयपुरिया में एक हादसे की वजह से मंगलवार को तीन मजदूर की मौत हो गई जिसमें मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर हंगामा हुआ। यहां मजदूर खाना खाने के लिए छांव ढूंढ रहे थे तभी खदान ढह गई जिसमें चार लोग दब गए। माैके पर इकट्ठा हुए लाेगाें ने चारों मजदूराें को मलबे से निकाला। इनमें से तीन की माैके पर ही मौत हो गई। वहीं, एक घायल हो गया। पुलिस ने मृतकों की पहचान सुवालाल (28) पुत्र श्रवण गुर्जर, शिवराज ( 30) पुत्र निंबाराम मीणा और रमेश (25) पुत्र रामचंद्र मीणा के रूप में हुई है। घायल की पहचान दुर्गालाल (19) पुत्र फोरू मीणा के रूप में की गई। घटना के बाद मजदूराें के परिजनों ने एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। शाम तक भी पुलिस को शव नहीं उठाने दिए गए।
घटना भगवानपुरा क्षेत्र के भूती में स्थित एक खदान की है। यहां पत्थर झड़ाई का काम चल रहा था। इस दौरान चार मजदूर खाना खाने के लिए खदान के एक हिस्से में छाया में खड़े ट्रैक्टर के पास बैठे थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे खदान के ऊपरी हिस्से से मलबा और बड़े पत्थर खिसकते हुए नीचे गिर गए। इस मलबे के नीचे चारों मजदूर दब गए। धमाके की आवाज सुनकर क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की जानकारी मिलने पर मांडलगढ़ डीएसपी ज्ञानेंद्रसिंह राठाैड़, बिजाैलियां एसडीएम महेश चंद्र मान, तहसीलदार शैतानसिंह आदि मौके पर पहुंच गए।
हादसे की खबर सुनकर मौके पर काफी लाेग इकट्ठा हो गए। मृतकाें के परिजन भी पहुंच गए। मृतकाें के शवाें काे बिजाैलियां अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन इन लोगाें ने मृतकाें के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिलाने की मांग करते हुए शव नहीं ले जाने दिए। इन लोगों ने मुआवजा नहीं मिलने तक शवों को नहीं उठाने देने व पोस्टमार्टम नहीं कराने की बात कही। शाम करीब 7 बजे तक भी एसडीएम और डीएसपी दोनों पक्षों से समझाइश और वार्ता करते रहे।














