
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 8 साल की बच्ची के साथ हुए रेप और हत्या के मामले में पठानकोट की विशेष अदालत कुल 7 आरोपियों में से 6 को दोषी करार दिया है। इनमें से तीन को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। जिन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, उनमें सांझी राम, दीपक खजुरिया और परवेश शामिल हैं। तीन पुलिसवालों को 5-5 साल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने इस केस में तीनों पुलिसकर्मियों को आईपीसी की धारा 201 (सबूत मिटाने) का दोषी करार दिया है। इसमें अधिक से अधिक 3 साल की सजा होती है। वहीं, मुख्य आरोपी सांझी राम पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 376 (रेप), 328 (अपराध करने के आशय से जहर या नशीला पदार्थ खिलाना), 343 (तीन या उससे अधिक दिनों के लिए बंदी बनाए रखना) लगाई गई हैं। इस बीच पठानकोट और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इससे पहले पठानकोट की अदालत ने मुख्य आरोपी सांजी राम समेत अन्य 6 आरोपियों को दोषी करार दिया। सातवें आरोपी विशाल को बरी कर दिया गया है। बचाव पक्ष के वकील मास्टर मोहनलाल के मुताबिक, मुख्य आरोपी सांझी राम के बेटे विशाल को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। विशाल मेरठ यूनिवर्सिटी में पढ़ता है, जिरह के दौरान ये साबित नहीं हो पाया कि वह घटना के वक्त मौजूद था। इन सभी आरोपियों की सजा का ऐलान कर दिया गया है।
Punjab: Security heightened outside Pathankot court ahead of verdict in Kathua rape-murder case pic.twitter.com/XaCdsSMnKd
— ANI (@ANI) June 10, 2019

इन 6 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है:
- ग्राम प्रधान सांजी राम (मुख्य आरोपी)
- स्पेशल पुलिस ऑफिसर दीपक खजुरिया,
- रसाना गांव परवेश दोषी,
- असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर तिलक राज,
- असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता,
- पुलिस ऑफिसर सुरेंद्र कुमार

चार दिन तक बेहोश रखकर की गई थी बच्ची की हत्या
कठुआ जिले के एक छोटे से गांव के मंदिर में कथित तौर पर बंधक बनाकर 8 साल की बच्ची के साथ रेप किया गया था। इतना ही नहीं उसे चार दिन तक बेहोश रखा गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में ग्राम प्रधान सांजी राम, उसके बेटे विशाल, किशोर भतीजे और उसके दोस्त आनंद दत्ता को गिरफ्तार किया था। इस मामले में दो विशेष पुलिस अधिकारियों दीपक खजुरिया और सुरेंद्र वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया था।
बता दें कि शुरुआत में इस मसले को जम्मू कोर्ट में सुना गया लेकिन बाद में पठानकोट कोर्ट में इसकी सुनवाई हुई जहां पर आज इसका फैसला सुनाया गया।














