Advertisement

  • होम
  • न्यूज़
  • '3 घंटे' बाद चांद पर हो जाएगी रात, अब विक्रम लैंडर से संपर्क की उम्मीद खत्म!

'3 घंटे' बाद चांद पर हो जाएगी रात, अब विक्रम लैंडर से संपर्क की उम्मीद खत्म!

By: Pinki Wed, 18 Sept 2019 09:19 AM

'3 घंटे' बाद चांद पर हो जाएगी रात, अब विक्रम लैंडर से संपर्क की उम्मीद खत्म!

चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) के विक्रम लैंडर (Vikram Lander) से संपर्क साधने की भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (Indian Space Research Organisation - ISRO) के वैज्ञानिकों की उम्मीदें अब खत्म होती जा रही है। क्योंकि चांद पर रात होने में करीब 3 घंटे ही बचे हैं। वही इस बीच भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने चंद्रयान 2 (Chandrayaan 2) के लिए देश और दुनिया से मिले समर्थन का शुक्रिया अदा किया है। इसरो ने ट्वीट कर लिखा है कि हमारा साथ देने के लिए शुक्रिया। हम दुनियाभर के भारतीयों की उम्मीदों और सपनों के दम पर लगातार आगे बढ़ते रहेंगे। इस ट्वीट के साथ अंतरिक्ष विज्ञान जगत में भारत को गौरवान्वित करने वाले इस संगठन ने दुनियाभर में बसे भारतीयों के सपनों को साकार करने का भरोसा दिलाया है।

विक्रम लैंडर से संपर्क करना होगा मुश्किल

दरहसल, 7 सितंबर को तड़के 1:50 बजे के आसपास विक्रम लैंडर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर गिरा था। जिस समय चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर चांद पर गिरा, उस समय वहां सुबह थी। यानी सूरज की रोशनी चांद पर पड़नी शुरू हुई थी। चांद का पूरा दिन यानी सूरज की रोशनी वाला पूरा समय पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर होता है। यानी 20 या 21 सितंबर को चांद पर रात हो जाएगी। 14 दिन काम करने का मिशन लेकर गए विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर के मिशन का टाइम पूरा हो जाएगा। आज 18 सितंबर है, यानी चांद पर 20-21 सितंबर को होने वाली रात से करीब 3 घंटे पहले का वक्त। यानी, चांद पर शाम हो चुकी है। अगर 20-21 सितंबर तक किसी तरह भी इसरो और दुनिया भर की अन्य एजेंसियों के वैज्ञानिक विक्रम लैंडर से संपर्क स्थापित करने में सफल हो गए तो ठीक, नहीं तो यह माना जा सकता है कि दोबारा विक्रम से संपर्क करना किसी चमत्कार से कम नहीं होगा। क्योंकि, चांद पर शुरू हो जाएगी रात, जो पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर होगी। चांद के उस हिस्से में सूरज की रोशनी नहीं पड़ेगी, जहां विक्रम लैंडर है। तापमान घटकर माइनस 200 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। इस तापमान में विक्रम लैंडर के इलेक्ट्रॉनिक हिस्से खुद को जीवित रख पाएंगे, ये कह पाना मुश्किल है। इसलिए विक्रम लैंडर से संपर्क नहीं हो पाएगा।

isro,chandrayaan 2,vikram,lander,communication,picture,14 days,nasa,lunar,orbiter,charndrayaan 2 news in hindi,news,news in hindi ,चंद्रयान-2,विक्रम लैंडर ,इसरो,नासा

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के लूनर रिकॉनसेंस ऑर्बिटर (LRO) के प्रोजेक्ट साइंटिस्ट नोआ. ई. पेत्रो ने 16 सितंबर को आजतक से बात करते हुए बताया कि चांद पर शाम होने लगी है। हमारा LRO विक्रम लैंडर की तस्वीरें तो लेगा, लेकिन इस बात की गारंटी नहीं है कि तस्वीरें स्पष्ट आएंगी। क्योंकि, शाम को सूरज की रोशनी कम होती है और ऐसे में चांद की सतह पर मौजूद किसी भी वस्तु की स्पष्ट तस्वीरें लेना एक चुनौतीपूर्ण काम होगा। हो सकता है कि ये तस्वीरें धुंधली हों। लेकिन जो भी तस्वीरें आएंगी, उन्हें हम भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी से साझा करेंगे।

दरहसल, NASA का ऑर्बिटर LRO विक्रम लैंडर की तस्वीर 75 किमी की ऊंचाई से लेगा। यह चांद की सतह पर मौजूद करीब 50 सेंटीमीटर तक की ऊंचाई वाले वस्तु की तस्वीर ले सकता है। वहीं, चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर इससे बेहतर और स्पष्ट तस्वीर ले सकता है। क्योंकि, चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर का ऑप्टिकल हाई-रिजोल्यूशन कैमरा (OHRC) जमीन से 30 सेंटीमीटर तक की ऊंचाई वाले वस्तु की हाई-रिजोल्यूशन तस्वीर ले सकता है। खगोलविदों का कहना है कि इसरो के ऑर्बिटर के कैमरे की ताकत ज्यादा है लेकिन उसके वैज्ञानिक OHRC से मिले डेटा से सॉफ्ट लैंडिंग वाली घटना का विश्लेषण नहीं कर सकते। इसके लिए उन्हें LRO की मदद लेनी होगी। LRO के पास पुराना डेटा भी है। वह यह बता सकता है कि विक्रम लैंडिंग से पहले और बाद में लैंडिंग वाली जगह पर क्या बदलाव हुए। इसलिए LRO की मदद ली जा रही है।

बता दे, इसरो (ISRO) और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के वैज्ञानिक चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) के विक्रम लैंडर से संपर्क साधने में लगे हैं। नासा के डीप स्पेस नेटवर्क के तीन सेंटर्स से लगातार चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर और लैंडर से संपर्क बनाए हुए है। ये तीन सेंटर्स हैं - स्पेन के मैड्रिड, अमेरिका के कैलिफोर्निया का गोल्डस्टोन और ऑस्ट्रेलिया का कैनबरा। इस तीन जगहों पर लगे ताकतवर एंटीना चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से तो संपर्क साध पा रहे हैं, लेकिन विक्रम लैंडर को भेजे जा रहे संदेशों का कोई जवाब नहीं आ रहा है।

Tags :
|
|
|
|
|
|

Advertisement

Home | About | Contact | Disclaimer| Privacy Policy

| | |

Copyright © 2020 lifeberrys.com

Error opening cache file