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  • महाराष्ट्र : कांग्रेस को भी अब सताने लगा हॉर्स ट्रेडिंग का डर, अपने विधायकों को भेजेगी जयपुर

महाराष्ट्र : कांग्रेस को भी अब सताने लगा हॉर्स ट्रेडिंग का डर, अपने विधायकों को भेजेगी जयपुर

By: Pinki Fri, 08 Nov 2019 12:37 PM

महाराष्ट्र : कांग्रेस को भी अब सताने लगा  हॉर्स ट्रेडिंग का डर, अपने विधायकों को भेजेगी जयपुर

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम को आए 14 दिन बीत चुके है लेकिन राज्य में किस के सिर सजेगा सीएम का ताज इसका अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। अगर आज यानि 8 नवंबर को सरकार बनाने को लेकर कोई ऐलान नहीं किया जाता है, तो सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को इस्तीफा देना पड़ सकता है। इसी के साथ सभी मंत्रियों को भी अपनी सरकारी गाड़ियां और बाकी सुविधाओं को वापस करना पड़ सकता है।

वही सरकार घठन को लेकर चल रही खींचातानी के बीच कांग्रेस ने हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका जाहिर की है। कांग्रेस का कहना है कि उनके विधायकों को तोड़ने की कोशिश हो रही है। खबर है कि कांग्रेस अपने विधायकों को जयपुर के किसी होटल में शिफ्ट कर रही है। इसके पहले हार्स ट्रेडिंग के डर से शिवसेना ने भी अपने विधायकों को होटल में शिफ्ट करा दिया है।

वही इस सबके बीच शुक्रवार को शिवेसना सांसद संजय राउत ने कहा कि अगर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगता है तो यह जनादेश का अपमान होगा। महाराष्ट्र न तो झुक रहा है, न दिल्ली के सामने कभी झुकेगा। भाजपा से आगे न पीछे, न अंडरग्राउंड किसी भी तरह से कोई बात नहीं हुई है। दरअसल, राज्य की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल कल (9 नवंबर) खत्म हो रहा है। फिलहाल, ऐसे में सरकार गठन को लेकर चल रहे प्रयासों का आज यानि 8 नवंबर को अंतिम दिन माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी शुक्रवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर सकते हैं। इसके बारे में पूछने पर राउत ने कहा कि गडकरी जी का घर मुंबई के वर्ली में है। उन्हें यहां आने से कोई नहीं रोक सकता। अगर उनके पास शिवसेना को ढाई साल मुख्यमंत्री पद देने का कोई खत हो तो यह जानकारी में उद्धवजी को दे दूंगा। शिवसेना ने साफ कर दिया कि शुक्रवार यानी आज वह राज्यपाल से मुलाकात नहीं करेगी। राउत ने कहा कि हम राज्यपाल के अगले निर्णय का इंतजार करेंगे।

इससे पहले गुरुवार को उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में पार्टी विधायकों की बैठक के बाद सभी विधायकों को होटल भेज दिया गया। एक घंटे तक चली इस बैठक में शिवसेना विधायक सत्ता भागीदारी के 50-50 फॉर्मूला पर अड़े रहे। उद्धव ने कहा कि हम भाजपा से गठबंधन तोड़ने का इरादा नहीं रखते हैं, लेकिन भाजपा को उस समझौते पर बने रहना होगा, जो लोकसभा चुनाव से पहले किया गया था।

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