
जैसलमेर जिले की पाकिस्तान से सटे सीमा क्षेत्र में गूगल मैप के सहारे रास्ता खोज आगे बढ़ना पांच युवकों को भारी पड़ गया। ये लोग रेगिस्तान में रास्ता भटक गए और आधी रात को एक सीमा चौकी पर लगी लाइट को देख वहां पहुंच गए। इतनी रात को कार में सवार पांच जनों को देख वहां तैनात बीएसएफ के जवान भी चौंक उठे। बाद में इनसे गहन पूछताछ की गई तो सारा माजरा समझ में आया।
पाकिस्तान से सटी सीमा पर किसी भी तरह की घुसपैठ को नाकाम करने के लिए बीएसएफ़ हाई अलर्ट पर रहती है। झुंझुनू से पांच लोग एक कार में सवार होकर सीमा के निकट स्थित तनोट माता के दर्शन करने के बाद मोहनगढ़ स्थित अपने एक साथी का खेत देखने गूगल मैप के सहारे रवाना हो गए। लेकिन वे रास्ता भटक गए।
सीमा से लेकर भारतीय सीमा के भीतर पांच किलोमीटर क्षेत्र में रात का कर्फ्य लागू रहता है। वहीं इस रेगिस्तानी क्षेत्र में बहुत कम आबादी निवास करती है। ऐसे में उन्हें रास्ता बताने को कोई आदमी नहीं मिला। वे गुगल मैप के सहारे भटकते रहे। काफी देर तक भटकने के बाद उन्हें सिलवी सीमा पोस्ट की लाइट दिखाई दी तो मदद की उम्मीद में वे वहां पहुंच गए।
आधी रात को कार में सवार होकर पांच जनों को देख बीएसएफ के जवान चौंक उठे। पांचों से जवानों ने गहन पूछताछ की तो रास्ता भटकने की बात सामने आई। इसके बाद आज दिन में बीएसएफ ने झुंझुनू में इनके बताए पते पर पूछताछ करवा कर निश्चित किया कि ये लोग घुसपैठिये नहीं है। इसके बाद पांचों को नाचना पुलिस को सौंप दिया गया। जहां कुछ औपचारिकताएं पूरी कर इन्हें रिहा कर दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सीमा क्षेत्र में कई बार भारतीय सीमा में लोग बॉर्डर पार करने की फिराक में तारबंदी के समीप पहुंच जाते है। ऐसे लोगों को बीएसएफ के जवान पकड़ कर पुलिस को सौंप देते है।














