छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी (Ajit Jogi) का 74 साल की उम्र में निधन हो गया। अजीत जोगी को कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) के बाद अस्तपाल में भर्ती कराया गया था। बीते 9 मई से वे अस्पताल में भर्ती थे। जोगी 9 मई से कोमा में थे। इमली का बीज गले में अटकने की वजह से उन्हें पहली बार दिल का दौरा पड़ा था। इसके बाद 27 मई की रात भी उन्हें दिल का दौरा पड़ा। हालांकि, अगले ही दिन उनकी सेहत में थोड़ा सुधार देखा गया। जब शुक्रवार को उन्हें दोबारा दिल का दौरा पड़ा तो रायपुर के श्रीनारायणा अस्पताल की ओर से एक मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया। इसमें बताया गया कि जोगी परिवार की सहमति लेकर डॉक्टरों ने उन्हें एक विशेष इंजेक्शन लगाया है। यह बहुत ही रेयर किस्म का इंजेक्शन है, जिसका इस्तेमाल छत्तीसगढ़ में बहुत कम हुआ है। हालांकि, इसके बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका।
'हां मैं सपनों का सौदागर हूं, मैं सपने बेचता हूं' : अजीत जोगी
नौकरशाह से राजनेता बने अजित जोगी, छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री रहे हैं। मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ के बंटवारे के बाद वह नवंबर 2000 से नवंबर 2003 तक मुख्यमंत्री रहे। अजीत जोगी ने वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की पहली बार शपथ ली तो उनका वो बयान इतिहास के पन्नों में उन अमिट पंक्तियों की तरह दर्ज हो गया जिसे हर राजनीतिक विश्लेषक बार-बार दोहराता है। छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेते हुए अजीत जोगी ने कहा था, 'हां मैं सपनों का सौदागर हूं। मैं सपने बेचता हूं।'
वर्ष 2000 के बाद वह सियासत के ऐसे सौदागर साबित हुए जो राजनीति के शीर्ष पर पहुंचने के सपने को दोबारा साबित नहीं कर पाया। दो बार राज्यसभा सदस्य, दो बार लोकसभा सदस्य, एक बार मुख्यमंत्री रहने के अलावा उनके खाते में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। उनकी इच्छाशक्ति और जिजीविषा को एक मिसाल के तौर पर देखा जाता है। उनके राजनीतिक करियर में आने को लेकर तमाम किस्से हैं, जो तैरते मिल जाते हैं। जोगी ने 2016 में कांग्रेस छोड़ दी थी और अपनी पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की स्थापना की थी।
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने किया ट्वीट
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अजीत जोगी के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट किया कि छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी जी के निधन से दुखी हूं। मैं उनके चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दें और इस कठिन घड़ी में उनके परिजनों को संबल प्रदान करें।














