
सरकारी खजाने का जिम्मा सरकारी कर्मचारियों के पास होता हैं और वो ही घोटाला करने लगे तो नुकसान होना स्वभाविक हैं। बीकानेर के नोखा में जोधपुर विद्युत वितरण निगम के एकाउंटेंट ने ऐसा ही किया और 44 लाख रुपए सरकारी खजाने में जमा कराने के बजाय अपने पास रख लिए। पिछले दिनों इसकी शिकायत हुई और रविवार को नोखा थाने में गबन का मामला दर्ज हो गया।
दरअसल, नोखा निवासी नरेश चाहलिया के पास तीस अक्टूबर 2019 से मुख्य रोकड़िया का चार्ज है। तब से छह फरवरी तक 44 लाख पंद्रह हजार रुपए केश बुक में जमा होने चाहिये थे। यह राशि बैंक में भी जमा नहीं करवाई गई। छह फरवरी तक यह राशि बैंक खाते में भी नहीं आई। निगम के पांच सदस्य दल ने भी इस मामले की जांच की थी, जिसमें इतनी बड़ी राशि का गबन होना पाया गया। पिछले कई दिन से नरेश गायब था लेकिन बाद में परिजनों सहित निगम पहुंचकर स्वीकार किया कि उसने गबन किया है। सहायक अभियंता की ओर से दी गई एफआईआर में नरेश से रुपए वापस निकलवाने और कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।














