देश में लॉकडाउन के बावजूद कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से देश भर में फैलता जा रहा है जिसे देखते हुए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन को बढ़ाकर 31 मई तक कर दिया है। इस बीच बीजेपी के नेता कपिल मिश्रा ने दिल्ली में कोरोना वायरस को लेकर हो रही मौतों को लेकर केजरीवाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए है। कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर सीएम अरविंद केजरीवाल पर कोविड-19 से मौत के आंकड़ें छिपाने का आरोप लगाया है।
कपिल मिश्रा ने एक ग्राफ शेयर करते हुए एक ट्वीट में लिखा- 'दिल्ली में कोरोना मौतों का सरकारी ग्राफ। केजरीवाल सरकार कोरोना मौतों का सच बताना बंद कर चुकी थी। हमने झूठ उजागर किया तो ग्राफ अचानक ऊपर। अभी भी 75% मौतें छिपाई हुई हैं।'
Graph of Corona Deaths in Delhi
Govt suddenly started reporting deaths after our campaign to expose truth
दिल्ली में कोरोना मौतों का सरकारी ग्राफ
केजरीवाल सरकार कोरोना मौतों का सच बताना बंद कर चुकी थी
हमने झूठ उजागर किया तोआपक बता दे, दिल्ली में रविवार को कोरोना के मामले बढ़कर 9800 के करीब पहुंच गए हैं। वहीं, अब तक 148 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। दिल्ली सरकार के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 422 कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए हैं जबकि 276 लोग ठीक हुए हैं। दिल्ली में अभी तक कुल 4 हजार 202 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि दिल्ली में कुल 148 मौतें हुई हैं। वहीं एक्टिव केस की संख्या 5405 है। राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 9 हजार 755 हो गई है।
दिल्ली / कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 9,750 के पार, एक दिन में मिले 422 पॉजिटिव केस
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 11 दिन की अवधि में दोगुना हो रहे हैं। जैन ने रविवार को कहा कि शहर में निषिद्ध क्षेत्रों की संख्या बढ़ रही है और कई चिकित्सक, नर्स, पुलिस तथा बीएसएफ के जवान वायरस से संक्रमित हो रहे हैं।
कोविड-19 से मौत के वास्तविक आंकड़े सामने नहीं आने को लेकर आलोचना का सामना कर रही दिल्ली सरकार ने सभी अस्पतालों को मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इस सिलसिले में शहर के अस्पतालों को 10 मई को एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई थी।इसके पहले भी कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) सीएम केजरीवाल पर कोरोना डेथ की परिभाषा को बदलने का आरोप लगाया था। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा था, 'अगर कोई हार्ट का पेशेंट है तो ये हो सकता है कि कोरोना के चलते उसे सांस न आए और उसका हार्ट फैल हो जाए, ऐसे ही डायबिटीज का पेशेंट भी कोरोना से मर सकता है। सबसे पहले बुजुर्गों, हार्ट पेशेंट और डायबिटिक लोगों पर कोरोना अटैक करता है। इन सब प्रकार की डेथ को दिल्ली सरकार ने कोरोना डेथ की परिभाषा से बाहर कर दिया गया है।' कपिल मिश्रा ने आगे कहा था, 'अगर इस तरह के डेथ के आंकड़ों को विदेशी सरकारें भी बाहर कर देती हैं तो उनके देश में कोविड-19 (Covid-19) से मौत का आंकड़ा कम हो जाएगा। हालांकि विदेशों की सरकारों ने ऐसा नहीं किया है। यह सिर्फ दिल्ली सरकार ही कर रही है।'














