रेलवे दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मज़दूरों के लिए भी स्पेशल ट्रेन चलाएगी। गृह मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन अधिनियम में दो दिन में दूसरी बार संशोधन करते हुए इसका रास्ता साफ़ किया। गृह मंत्रालय ने एक नया आदेश जारी कर अलग-अलग हिस्सों में फँसे प्रवासी मज़दूरों, छात्रों, पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और अन्य लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचाने के लिए रेल का भी इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। प्रधानमंत्री आवास पर आज हुई बैठक में इस बारे में फैसला हुआ। इस मीटिंग में पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा, गृह मंत्री अमित शाह, रेल मंत्री पीयूष गोयल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और पीएम के प्रधान सचिव पीके मिश्रा शामिल रहे।
इसके लिए रेल मंत्रालय एक नोडल अफ़सर तैनात करेगी, जो राज्य सरकारों के साथ मिलकर इस दिशा में काम करेगा की कैसे अलग-अलग राज्यों में फंसे प्रवासी मज़दूरों को घर पहुंचाया जा सके। गृह मंत्रालय ने इस बारे में नया ऑर्डर निकाला है। ऑर्डर में लिखा है कि रेल मंत्रालय इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए नए दिशानिर्देश जारी करेगा जिसमें टिकट बिक्री, सोशल डिस्टेंसिग और सुरक्षा के लिहाज़ से उठाए जाने वाले क़दमों की विस्तृत जानकारी होगी। इसका मतलब साफ़ है कि घर जाने के इंतज़ार में दूसरे राज्यों में बैठे मज़दूरों से किराया भी वसूला जाएगा। गृह मंत्रालय के ऑर्डर में ये साफ कहा गया है कि रेल मंत्रालय टिकट बिक्री को लेकर नया आदेश जारी करेगी। ऐसे में अभी ये स्पष्ट नहीं है कि किराया फंसे मजदूरों और छात्रों से लिया जाएगा, या फिर राज्य सरकारों से। लेकिन पिछली बार बसों से जब मजदूरों को ले जाया गया था, तो किराया लोगों से वसूला गया था।
A one-off special train was run today from Lingampalli (Hyderabad) to Hatia (Jharkhand) on request of the Telangana Government & as per the directions of Union Railway Ministry. pic.twitter.com/9YptotxcbV
— ANI (@ANI) May 1, 2020














