असम सरकार ने 13 अप्रैल से राज्य में शराब की दुकानें खोलने की इजाज़त दे दी है। इस आदेश के मुताबिक असम (Assam) में सोमवार से शराब की दुकानें सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक के लिए खुलेंगी। इन दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन करना जरूरी है।
असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलायी। बैठक में भाजपा और सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल उसके सहयोगी दलों अगप तथा बीपीएफ के अलावा, कांग्रेस, एआईयूडीएफ और माकपा जैसे प्रमुख विपक्षी दलों ने भाग लिया। बैठक में विभिन्न दलों ने कोरोना वायरस प्रकोप का मुकाबला करने के लिए सुझाव भी दिए। इस बैठक में कोविड-19 (Covid-19) के रूप में सामने आयी चुनौतियों से एकजुट होकर निपटने का फैसला किया गया। इसके साथ ही बैठक में स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिस सहित इस लड़ाई में शामिल कर्मियों का आभार व्यक्त किया गया।
सोनोवाल ने बैठक के बाद एक ट्वीट में कहा, 'गुवाहाटी में एक सर्वदलीय बैठक की मेजबानी की और कोविड-19 (Covid-19) के खिलाफ अपनी एकजुट लड़ाई पर चर्चा की। मैंने उनकी भागीदारी और बहुमूल्य सुझावों के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। इस लड़ाई में हम सभी साथ हैं।' बैठक के परिणाम के बारे में उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, 'मुझे यह साझा करने में खुशी हो रही है कि सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने स्वास्थ्य कर्मियों, सुरक्षा बलों और कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में शामिल अन्य सभी लोगों को धन्यवाद देने के लिए एक संयुक्त प्रस्ताव स्वीकार किया।' बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई, असम भाजपा प्रमुख रणजीत कुमार दास, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रकीबुल हुसैन, निर्दलीय लोकसभा सांसद नबा सरानिया और एआईयूडीएफ के विधायक हाफिज बशीर अहमद भी शामिल हुए।
लॉकडाउन बढ़ने का समर्थन करेगी असम सरकार
असम सरकार ने रविवार को कहा यह भी कहा कि देश में कोरोना वायरस (Coronavirus in Assam) संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए यदि केंद्र सरकार वर्तमान में जारी 21 दिन के लॉकडाउन का विस्तार करने का फैसला लेती है तो वह उसका समर्थन करेगी। यह फैसला मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। बैठक के बाद असम के संसदीय कार्य मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने कहा कि राज्य में खाद्य पदार्थों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा, 'हम हर स्थिति से निपटने में सक्षम हैं।' मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया, 'राज्य सरकार अपनी ओर से कोई फैसला नहीं लेगी। असम सरकार केंद्र के नियम एवं व्यवस्था के मुताबिक चलेगी।'














