अपर जिला व सेशन न्यायाधीश (महिला उत्पीड़न प्रकरण) मनीषा चौधरी ने दुष्कर्म के प्रयास के मामले में एक को दोषी करार देते हुए 5 साल के कठोर कारावास से दंडित किया। मंडोर क्षेत्र की महिला ने 13 सितंबर 2015 को थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि वह कंप्यूटर व प्रोविजन स्टोर की दुकान पर बैठी थी। चंद्रसिंह पुत्र महेंद्रसिंह वहां आया। उसके आते ही मैं खड़ी हुई तो उसने मेरे सिर पर जोरदार मारी और मेरे हाथों को जोर से पकड़ लिया।
जब विरोध किया तो वह मेरे साथ जबरदस्ती करने का प्रयास करने लगा। जब वह गंदे इरादों में कामयाब नहीं हुआ तो वहां से जाते हुए दुकान के कांच पर सिर मारकर फोड़ दिया और कहा कि इस घटना के बारे में किसी को बताया तो अपना सिर फोड़ लूंगा और आरोप तुझ पर लगा लूंगा।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की और आरोपी के खिलाफ में कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया। सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक शबनम बानो ने आरोपी को कड़ी सजा देने का आग्रह किया। दोनों पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए पांच साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया। साथ ही पांच हजार रुपए के आर्थिक दंड से भी दंडित किया।














