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7 सितंबर रात 1 बजकर 55 मिनट पर इतिहास रचने चांद पर उतरेगा भारत, इसरो सेंटर में मौजूद रहेंगे PM मोदी

By: Pinki Fri, 06 Sept 2019 08:13 AM

7 सितंबर रात 1 बजकर 55 मिनट पर इतिहास रचने चांद पर उतरेगा भारत, इसरो सेंटर में मौजूद रहेंगे PM मोदी

चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) का विक्रम लैंडर शनिवार तड़के चांद की सतह पर ऐतिहासिक ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने के लिए तैयार है। देश-दुनिया के लोग शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात होने वाली इस लैंडिंग का गवाह बनने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। भारत का यह दूसरा चंद्र मिशन (Mission Moon) के उस दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र पर प्रकाश डालेगा जहां अभी तक किसी भी देश की नजर नहीं गई है। विक्रम लैंडर की यह सॉफ्ट लैंडिंग अगर कामयाब रहती है तो रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। इसके साथ ही भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला विश्व का पहला देश भी बन जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, करीब 70 छात्र-छात्राओं के साथ इसरो के बेंगलुरु स्थित केंद्र में इसे लाइव देखेंगे। इसी के साथ अमेरिकी एजेंसी नासा समेत पूरी दुनिया की निगाह इस अभियान पर टिकी हुई हैं। लैंडर विक्रम में तीन से चार कैमरे और सेंसर सहित तमाम ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जिससे उसे किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा।

चांद पर उतरने की तैयारी

बता दें, इसरो के दूसरे डी-ऑर्बिटल ऑपरेशन के बुधवार को सफलतापूर्वक होते ही भारत का पहला मून लैंडर विक्रम सात सितंबर को चांद पर उतरने के लिए तैयार है। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के अनुसार, विक्रम का दूसरा डी-ऑर्बिटल ऑपरेशन बुधवार तड़के 3:42 बजे ऑनबोर्ड संचालन तंत्र का उपयोग करते हुए शुरू हुआ और नौ सेकेंड में पूरा हो गया।

विक्रम लैंडर की कक्षा 35 किलोमीटर गुणा 101 किलोमीटर की है। इसरो ने कहा कि इस ऑपरेशन के साथ ही विक्रम के चंद्रमा की सतह पर उतरने के लिए जरूरी ऑर्बिट प्राप्त कर ली गई है। इसरो के अनुसार, विक्रम चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सात सितंबर को तड़के डेढ़ बजे से ढाई बजे के बीच उतरेगा। चांद पर उतरने के बाद विक्रम के अंदर से रोवर प्रज्ञान बाहर आएगा और सुबह साढ़े पांच बजे से साढ़े छह के बीच चांद की सतह पर चहलकदमी करेगा। प्रज्ञान रोवर 14 दिनों तक चंद्रमा की सतह पर रहकर वैज्ञानियों को चांद की तस्वीरें और वहां की स्थिति के बारे में जानकारी देता रहेगा। इसरो ने कहा कि चंद्रयान-2 ऑर्बिटर अपनी 96 किलोमीटर गुणा 125 किलोमीटर की मौजूदा कक्षा में चांद के चारों तरफ घूम रहा है और दोनों- ऑर्बिटर और लैंडर सही काम कर रहे हैं। सोमवार दोपहर को विक्रम चंद्रयान-2 से अलग हो गया था।

नेशनल ज्योग्राफिक करेगा लाइव प्रसारण

नेशनल ज्योग्राफिक ने मंगलवार को घोषणा की है कि यह अपने दर्शकों को जीवन में सिर्फ एक बार होने वाला ऐतिहासिक अनुभव चंद्रयान-2 की लैंडिंग का एक्सक्लूसिव लाइव प्रसारण करके दिखाएगा। इस शो का प्रसारण 6 सितंबर, 2019 को नेशनल ज्योग्राफिक चैनल और हॉटस्टार पर रात साढ़े 11 बजे से किया जाएगा। इसे हॉटस्टार यूजर देख सकते हैं।

बता दे, भारत की कुल 978 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत चंद्रयान-2 को भारी रॉकेट जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल-मार्क 3 (जीएसएलवी-एमके 3) के जरिए 22 जुलाई को लॉन्च किया गया था।

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