नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में गुरुवार को भी प्रदर्शन जारी रहा. उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में धारा-144 लगा दी गई है। गुरुवार को कई जिलों में हिंसक प्रदर्शन हुए। संवेदनशील इलाकों में आरएएफ, पीएसी, क्विक रिस्पांस टीम तैनात की गई। हुसैनाबाद में युवक के पेट में गोली लगी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वही दिल्ली में आज दो बड़े विरोध-प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। दोपहर एक बजे भीम आर्मी की ओर से जामा मस्जिद गेट नंबर-1 से जंतर-मंतर तक मार्च का आह्वान किया गया है। दूसरी ओर कुछ संगठनों की ओर से शुक्रवार को शाम पांच बजे राजीव चौक मेट्रो स्टेशन गेट-7 पर प्रदर्शन करने का आह्वान किया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसको लेकर बड़े पैमाने पर तैयारी की गई है। बृहस्पतिवार को पुलिस की ओर से किए गए इंतजाम को शुक्रवार को दोबारा दोहराया जा सकता है। इसमें मोबाइल व इंटरनेट पर पाबंदी के अलावा धारा-144 भी शामिल है।
“अगर कभी इसकी (एनआरसी) घोषणा की जाती है”- सरकार के इस विज्ञापन ने साफ इशारा कर दिया है कि एनआरसी ठंडे बस्ते में जाने की तैयारी में है। एनआरसी के खिलाफ बड़े पैमाने पर च
वही इन सबके बीच नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और NRC के खिलाफ देशभर में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच सरकार ने इशारा किया है कि फिलहाल एनआरसी को ठंडे बस्ते में डाला जा सकता है। सरकार इसको लेकर जल्दबाजी के मूड में नहीं है। दरअसल, एक सरकारी विज्ञापन में सरकार की तरफ से साफ-साफ कहा गया है कि अगर कभी इसकी (एनआरसी) घोषणा की जाती है, तो ऐसी स्थिति में नियम और निर्देश ऐसे बनाए जाएंगे ताकि किसी भी भारतीय नागरिक को परेशानी न हो। सरकार के इस विज्ञापन से साफ इशारा मिलता है कि फिलहाल एनआरसी को ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी है।














