मंगलवार को दक्षिण भारत की चर्चित ट्रांसजेंडर (Transgender) सामाजिक कार्यकर्ता अप्सरा रेड्डी (Apsara Reddy)कांग्रेस (Congress) में शामिल हो गईं। कांग्रेस ने ट्रांसजेंडर अप्सरा रेड्डी को अखिल भारतीय महिला कांग्रेस (एआईएमसी) की राष्ट्रीय महासचिव बनाया है। पहले वह अन्नाद्रमुक (AIADMK) से जुड़ी हुईं थीं और राष्ट्रीय प्रवक्ता की भूमिका में थी। वह पत्रकार भी हैं। अप्सरा रेड्डी ने अखिल भारतीय महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सुष्मिता देव के साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और पार्टी में शामिल हुईं। अप्सरा रेड्डी की पहचान एक तेज-तर्रार पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में होती है। वह कॉलेज के दिनों से ही सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम कर रही हैं और चाइल्ड रेप के कई हाई-प्रोफाइल मामलों को उठा चुकी हैं।
बता दें कि अप्सरा रेड्डी राजनीति की दुनिया में नई नहीं हैं। वह बीजेपी में भी शामिल रह चुकी हैं, हालांकि एक महीने बाद ही उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। रेड्डी ने आरोप लगाया था कि बीजेपी में स्वतंत्र विचारों वाले लोगों के लिए कोई जगह नहीं है। इसके साथ ही वह एआईएडीएमके के साथ भी काम कर चुकी हैं। तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता की भूमिका दी थी। हालांकि जब पार्टी में टकराव शुरू हुआ तो उन्होंने एआईएडीएमके छोड़ दी।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने पार्टी और राहुल गांधी की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस वास्तव में एक ऐसी पार्टी है, जिसने भारत का निर्माण किया। राहुल गांधी का महिलाओं के निष्पक्ष प्रतिनिधित्व, महिला-केंद्रित घोषणापत्र और गतिशीलता के प्रति प्रतिबद्धता वास्तव में प्रेरणादायक है और मुझे उनके नेतृत्व में देश भर में महिलाओं की सेवा करने में खुशी होगी।'
कांग्रेस के इस फैसले की ट्विटर पर तारीफ हो रही है। टि्वटर यूजर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इस पहल की तारीफ कर रहे हैं।
Finally one good thing done 👍 otherwise only lies and false propaganda😳
— Renu subramaniam (@renusubramaniam) January 8, 2019
बहुत ब
वहीं, सुष्मिता देव ने उनका कांग्रेस में स्वागत करते हुए कहा, 'यह बहुत गौरव की बात है कि आप महिला कांग्रेस में ट्रांसजेंडर समुदाय की पहली पदाधिकार होंगी। मैं आशा करती हूं कि हम संपूर्ण लैंगिक न्याय और विशेष तौर पर ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों के लिए मिलकर काम करेंगे।'














