आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य के दर्जे पर बीजेपी और टीडीपी में मचे सियासी घमासान के बीच इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। टीडीपी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के केंद्र सरकार से अलग होने के फैसले के बाद आज टीडीपी के मंत्री इस्तीफा देंगे। वहीं बीजेपी ने भी आंध्र प्रदेश में टीडीपी सरकार से अलग होने का फैसला लेने के साथ बीजेपी कोटे के दो मंत्री डॉ. के. श्रीनिवास और पी. एम राव ने अमरावती में मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बीजेपी ने मामले को सुलझाने की आखिरी कोशिश के तौर पर पार्टी नेता राम माधव को लगाया है। आंध्र प्रदेश विधानसभा में सीएम चंद्रबाबू नायडू ने कहा, 'केंद्र सरकार में हमारे मंत्रियों ने और बीजेपी मंत्री ने हमारी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि इन मंत्रियों ने राज्य के लिए अच्छा काम किया। उन्होंने अपने विभागों में कई अच्छे बदलाव किए। मैं उन्हें उनकी सेवा के लिए धन्यवाद देता हूं।'
यह ताजा घटनाक्रम आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने के केंद्र सरकार के इनकार के विरोध में तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) द्वारा बुधवार रात को नरेंद्र मोदी सरकार के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से समर्थन वापस लेने की घोषणा के बाद सामने आया है। मुख्यमंत्री नायडू ने यह कदम उठाते हुए कहा था कि केंद्र ने राज्य के साथ अन्याय किया है। नायडू ने कहा कि कल अरुण जेटली ने जो कहा वह सही नहीं था। आप उत्तर पूर्वी राज्यों का हाथ पकड़ रहे हैं, लेकिन आंध्र प्रदेश का नहीं। जेटली उन्हें औद्योगिक प्रोत्साहन दे रहे हैं, लेकिन आंध्र प्रदेश को नहीं। आंध्र के साथ यह सौतेला रवैया क्यों? इससे पहले आंध्र में बीजेपी के एमएलसी पीवीएन माधव ने बताया, 'हमने फैसला किया है कि हमारे मंत्री टीडीपी कैबिनेट से इस्तीफा देंगे। हम जनता के पास जाएंगे और उन्हें बताएंगे कि केंद्र ने राज्य के लिए सबकुछ किया है। आजादी के बाद से अब तक, किसी भी राज्य को केंद्र से इतना समर्थन नहीं मिला होगा, जितना हमारी सरकार ने आंध्र प्रदेश को दिया है।'
#AndhraPradesh : BJP Ministers in Andhra Pradesh cabinet submitted their resignation in the CM office in Amaravati. pic.twitter.com/0P33Y4S5Uu
— ANI (@ANI) March 8, 2018














