पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया है। वे पिछले करीब दो महीने से एम्स में भर्ती थे और बीते तीन दिनों से जीवन रक्षक प्रणाली पर चल रहे थे। बुधवार सवेरे से ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। एम्स के अनुभवी डॉक्टर लगातार उनकी देखरेख में लगे हुए थे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गुरुवार शाम 05 बजकर 05 मिनट पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई। वाजपेयी जी के निधन पर तमाम राजनीतिक हस्तियों के साथ बॉलीवुड दिग्गजों ने शोक जताया।
गुरुवार शाम के समय टाटा संस के चेयरमैन रतन एन टाटा ने पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर ट्वीट कर गहरा दुख व्यक्त किया। रतन टाटा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। वह एक महान राजनेता थे, उन्हें करोड़ों भारतीयों द्वारा हमेशा ही याद किया जाएगा।
पीएम ने लिखा-उनका जाना, एक युग का अंत है
वाजपेयी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए लिखा 'मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है। हम सभी के श्रद्धेय अटल जी हमारे बीच नहीं रहे। अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। उनका जाना, एक युग का अंत है।' वाजपेयी जी के निधन पर तमाम देशभर में शोक की लहर दौड़ गई। सत्ताधारी पार्टी और विपक्षी पार्टी के तमाम नेताओं ने वाजपेयी जी के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया।
राष्ट्रपति कोविंद के ट्विटर अकाउंट से जारी संदेश में लिखा गया, 'पूर्व प्रधानमंत्री व भारतीय राजनीति की महान विभूति श्री अटल बिहारी वाजपेयी के देहावसान से मुझे बहुत दुख हुआ है। विलक्षण नेतृत्व, दूरदर्शिता तथा अद्भुत भाषण उन्हें एक विशाल व्यक्तित्व प्रदान करते थे।उनका विराट व स्नेहिल व्यक्तित्व हमारी स्मृतियों में बसा रहेगा'
वहीं देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धाजंलि देते हुए भावुक संदेश ट्वीट किया। नायडू ने लिखा, 'भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व, वक्तृत्व, कृतत्व, मित्रृत्व के गुण उनके नेतृत्व में समाहित थे जो लंबे समय तक याद किए जाएंगे।'
इसके पहले किए एक अन्य ट्वीट में वेंकैया नायडू ने लिखा, 'वह असली आजादशत्रु थे, जो समाज के सभी वर्गों के साथ रहे। वह पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे जो एक स्थिर सरकार दे सके। उन्होंने सिद्धांतों की राजनीति की और राजनीति में मूल्यों को स्थापित किया। '
11 जून 2018 को भर्ती कराया था
आपको बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी को 11 जून 2018 को संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण आदि स्वास्थ्य समस्याएं होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार (15 अगस्त) की रात को ही पूर्व पीएम की तबियत ज्यादा बिगड़ने की खबर मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं अन्य केंद्रीय मंत्री और नेता उनका हालचाल जानने के लिए एम्स पहुंचे थे। उनके अलावा एम्स के बाहर वाजपेयी के समर्थकों का जमावड़ा लगा रहा। गुर्दा नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण की शिकायत के बाद अटल बिहारी वाजपेयी को बीते 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था। 93 वर्षीय वाजपेयी ने शाम 05.05 मिनट पर अंतिम सांस ली।
All of us who knew Mr. Atal Bihari Vajpayee are saddened to hear of his passing away. He was a great leader with a great sense of compassion and humor. He will be remembered fondly by a vast number of us.
— Ratan N. Tata (@RNTata2000) August 16, 2018














