कहते है न जब समय अच्छा आता है तो जीरो भी रातो-रात हीरो बन जाता है ऐसा ही कुछ रानू मंडल (Ranu Mondal) के साथ भी हुआ। कल तक जो रानू पश्चिम बंगाल के रानाघाट स्टेशन पर गाना गाकर अपना जीवन बसर करती थी वही आज अपनी मधुर आवाज के जादू से दुनिया में सबको अपना दीवाना बना दिया है। उनकी मधुर आवाज के आज सैकड़ों दीवाने हैं। यहां तक की रानू हिमेश रेशमिया (Himesh Reshamiya) की फिल्म के लिए दो गाने भी रिकॉर्ड कर चुकी हैं।
रानू मशहूर क्या हुईं अब लोग उनके साथ आने लगे हैं। रिश्तेदार याद कर रहे हैं। रानू से 10 साल बाद उनकी बेटी एलीजाबेथ साथी रॉय (Elizabeth Sathi Roy) ने भी मुलाकात की है। अभी तक खबरें थीं कि रानू की बेटी ने सालों से उनकी सुध नहीं ली क्योंकि वह अपनी मां को एक बोझ समझती थी। लेकिन अब रानू की बेटी ने सामने आकर अपनी बात रखी है। रानू की बेटी ने हाल ही में न्यूज एजेंसी आईएएनएस को दिए एक इंटरव्यू में अपनी मां को बोझ समझकर छोड़ने की बात को झूठ बताया है। एलीजाबेथ ने दावा किया है कि इस समय जो क्लब उनकी मां का ध्यान रख रहा है, वह उन्हें उनकी मां से मिलने ही नहीं दे रहा है। साथ ही इस क्लब के सदस्यों ने उन्हें धमकी भी दी है।














