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  • अयोध्‍या : 5 एकड़ जमीन पर स्‍कूल खुले, नमाज तो हम कहीं भी पढ़ लेंगे : सलीम खान

अयोध्‍या : 5 एकड़ जमीन पर स्‍कूल खुले, नमाज तो हम कहीं भी पढ़ लेंगे : सलीम खान

By: Pinki Sun, 10 Nov 2019 2:04 PM

अयोध्‍या : 5 एकड़ जमीन पर स्‍कूल खुले, नमाज तो हम कहीं भी पढ़ लेंगे : सलीम खान

शनिवार को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में विवादित स्थल को रामलला विराजमान को देने का फैसला किया है, वहीं मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ ज़मीन देने की बात कही गई है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसलें का पूरे देश ने स्वागत किया। इसी कड़ी में मशहूर राइटर, फिल्म प्रड्यूसर और ऐक्‍टर सलमान खान के पिता सलीम खान ने भी इस मामले पर अपनी राय रखी। उन्‍होंने कहा कि अयोध्या में मुस्लिमों को दी जाने वाली पांच एकड़ जमीन पर स्कूल बनाया जाना चाहिए। सलमान के पिता ने मुस्लिम समुदाय से अपील करते हुए कहा कि पैगंबर ने इस्लाम की दो खूबियां बताई हैं जिसमें प्यार और क्षमा शामिल है। अब जब इस कहानी (अयोध्या विवाद) का द एंड हो गया है तो मुस्लिमों को इन दो विशेषताओं पर चलकर आगे बढ़ना चाहिए। मोहब्बत जाहिर करिए और माफ करिए। अब इस मुद्दे को फिर से मत कुरेदिये। सलीम खान ने कहा कि भारत के मुसलमानों को मस्जिद नहीं, स्कूल की जरूरत है।

भारतीय समाज के परिपक्व होने की बात करते हुए सलीम ने आगे कहा कि फैसला आने के बाद जिस तरीके से शांति और सौहार्द्र कायम रही, यह प्रशंसनीय है। अब इसे स्वीकार कीजिए। एक पुराना विवाद खत्म हुआ। मैं तहेदिल से इस फैसले का स्वागत करता हूं। मुस्लिमों को अब बुनियादी समस्याओं की चर्चा करनी चाहिए और उसे हल करने की कोशिश करनी चाहिए। मैं ऐसी चर्चा इसलिए कर रहा हूं क्‍योंकि हमें स्कूल और अस्पताल की जरूरत है। अयोध्या में मस्जिद के लिए मिलने वाली पांच एकड़ जगह पर कॉलेज बने तो बेहतर होगा।

मस्जिद की जरूरत नहीं, हमें बेहतर स्कूल की जरूरत है

सलमान के पिता ने कहा कि हमें मस्जिद की जरूरत नहीं, नमाज तो हम कहीं भी पढ़ लेंगे।।। ट्रेन में, प्लेन में, जमीन पर लेकिन हमें बेहतर स्कूल की जरूरत है। तालीम अच्छी मिलेगी 22 करोड़ मुस्लिमों को तो इस देश की बहुत सी कमियां खत्‍म हो जाएंगी। सलीम खान ने कहा, कि प्रधानमंत्री मोदी शांति पर जोर देते हैं और मैं उनसे सहमत हूं। आज हमें शांति की ही जरूरत है। हमें अपने भविष्य पर सोचने की जरूरत है। हमें पता होना चाहिए कि शिक्षित समाज में ही बेहतर भविष्य है। मुख्य मुद्दा यह है कि मुस्लिम तालीम में पिछड़े हैं, इसलिए मैं दोहराता हूं कि आइए, हम इसे (अयोध्या विवाद) द एंड कहें और एक नई शुरुआत करें।

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