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  • आखिर क्यों किया जाता हैं मंगलवार का व्रत, जानें इसका महत्व और पूजन विधि

आखिर क्यों किया जाता हैं मंगलवार का व्रत, जानें इसका महत्व और पूजन विधि

By: Ankur Tue, 03 Dec 2019 07:05 AM

आखिर क्यों किया जाता हैं मंगलवार का व्रत, जानें इसका महत्व और पूजन विधि

आज मंगलवार हैं जो कि हिन्दू धर्म में महाबली हनुमान को समर्पित माना जाता हैं। इस दिन सभी भक्तगण हनुमान जी की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद पाने की चाह रखते हैं। हनुमान जी की कृपा जो भक्त पा लेता हैं उसके जीवन के सभी दुख-दर्द, भय, संकट आदि दूर हो जाते हैं। आज के दिन कई भक्तगण व्रत भी रखते हैं। लेकिन इस व्रत का पूर्ण फल तभी मिल पाता हैं जब आप पूजन क्रिया पूर्ण तरीके से करें। इसलिए आज हम आपको मंगलवार के व्रत के महत्व और पूजन विधि से जुडी जानकारी देने जा रहे हैं। तो आइये जानते हैं इसके बारे में।

मंगलवार व्रत का महत्व

इस व्रत से कुंडली का मंगल ग्रह शुभ फल देने वाला होता है। मंगलवार व्रत से हनुमान जी की असीम कृपा मिलती है। यह व्रत सम्मान, बल, साहस और पुरुषार्थ को बढ़ाता है। संतान प्राप्ति के लिए भी है यह व्रत बहुत लाभकारी है। इस व्रत के फलस्वरूप पापों से मुक्ति मिलती है। जो यह व्रत करते हैं उन पर भूत-प्रेत, काली शक्तियों का दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ता है।

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मंगलवार व्रत की पूजन विधि

यह व्रत कम से कम लगातार 21 मंगलवार तक किया जाना चाहिए। व्रत वाले दिन सूर्योदय से पहले स्नान कर लें। उसके बाद घर के ईशान कोण में किसी एकांत में बैठकर हनुमानजी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। इस दिन लाल कपड़े पहनें और हाथ में पानी ले कर व्रत का संकल्प करें। हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं और भगवान पर फूल माला या फूल चढ़ाएं।

फिर रुई में चमेली के तेल लेकर बजरंगबली के सामने रख दें या मूर्ति पर तेल के हलके छीटे दे दें। इसके बाद मंगलवार व्रत कथा पढ़ें। साथ ही हनुमान चालीसा और सुंदर कांड का पाठ करें। फिर आरती करके सभी को व्रत का प्रसाद बांटकर, खुद भी लें। दिन में सिर्फ एक पहर का भोजन लें। अपने आचार-विचार शुद्ध रखें। शाम को हनुमान जी के सामने दीपक जलाकर आरती करें। इस व्रत में गेहूं और गुड़ का ही भोजन करना चाहिये। एक ही बार भोजन करें। नमक नहीं खाना है। लाल पुष्प चढ़ायें और लाल ही वस्त्र धारण करें।

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