दक्षिण अमेरिका के वेनेजुएला में 25 जून को आए भीषण भूकंप के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। दो शक्तिशाली झटकों ने हजारों परिवारों को तबाह कर दिया है और मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार अब तक 1,430 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अधिकारियों का मानना है कि मलबा हटने के साथ यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक शनिवार सुबह तक करीब 68,900 लोगों के लापता होने की जानकारी दर्ज की गई है। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और मलबे से अब भी शव निकाले जा रहे हैं। इस बीच उत्तरी तटीय इलाकों के साथ राजधानी कराकास और माराके में भी 4.9 तीव्रता के आफ्टरशॉक महसूस किए गए हैं, जिससे लोगों में दहशत बनी हुई है।
सबसे अधिक तबाही झेलने वाले राज्यों में शामिल ला ग्वायरा में हालात बेहद भयावह हैं। यहां अपने परिजनों की तलाश में लोग सरकारी मदद का इंतजार करने के बजाय खुद ही मलबा हटाने में जुटे हुए हैं। कहीं फावड़ों से खुदाई की जा रही है तो कहीं भारी मशीनों और रस्सियों की मदद ली जा रही है। कई लोग अपने हाथों से ही कंक्रीट के ढेर हटाकर जीवित लोगों और शवों की तलाश कर रहे हैं। अब तक 3,360 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हो चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को बचाव दलों ने करीब 250 लोगों को मलबे से जीवित बाहर निकालने में सफलता हासिल की।
राहत टीमों की कमी के बीच खुद संभाल रहे मोर्चा
कई प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव संसाधनों की कमी के कारण स्थानीय लोगों को अपने स्तर पर ही खोज अभियान चलाना पड़ रहा है। वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने नागरिकों से अपील की है कि वे फिलहाल ला ग्वायरा राज्य की यात्रा से बचें। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत संवेदनशील समय है और प्राथमिकता अधिक से अधिक लोगों की जान बचाने की है। उनके अनुसार पुलिस, सिविल प्रोटेक्शन और दमकल विभाग की टीमों को तेजी से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए सभी प्रमुख मार्गों को खाली रखना बेहद जरूरी है।
सैकड़ों इमारतें ढहीं, हजारों ढांचों को भारी नुकसान
भूकंप ने वेनेजुएला के उत्तरी तटीय क्षेत्रों और राजधानी कराकास में व्यापक तबाही मचाई है। कई बहुमंजिला इमारतें, अस्पताल और शॉपिंग सेंटर पूरी तरह धराशायी हो गए हैं। इसके अलावा लगभग 1,000 अन्य बुनियादी ढांचों को गंभीर क्षति पहुंची है। सबसे ज्यादा नुकसान कराकास के उत्तर में स्थित ला ग्वायरा क्षेत्र में हुआ है, जहां देश का प्रमुख समुद्री बंदरगाह और सिमोन बोलिवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थित है। राहत एजेंसियों के अनुसार, अब तक इसी क्षेत्र में मलबे से 243 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
अंतरराष्ट्रीय मदद पहुंचनी शुरू, कई देशों ने भेजीं रेस्क्यू टीमें
भूकंप के बाद वैश्विक समुदाय भी वेनेजुएला की सहायता के लिए आगे आया है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के प्रमुख टॉम फ्लेचर ने बड़े स्तर पर अंतरराष्ट्रीय राहत अभियान शुरू करने की घोषणा की है। ब्रिटेन, अमेरिका, नीदरलैंड, मैक्सिको और स्विट्जरलैंड ने प्रशिक्षित खोज एवं बचाव दल, स्निफर डॉग्स और ड्रोन प्रभावित क्षेत्रों में भेजे हैं। अमेरिका ने इसके अलावा युद्धपोत, परिवहन विमान और 15 करोड़ डॉलर (करीब 1,415 करोड़ रुपये से अधिक) की वित्तीय सहायता देने का भी ऐलान किया है।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा तबाही
आंतरिक मामलों के मंत्री डियोसडाडो काबेलो के मुताबिक, भूकंप का सबसे गंभीर असर राजधानी कराकास के लॉस पालोस ग्रांडेस और अल्तामिरा इलाकों के अलावा ला ग्वायरा, अरागुआ, काराबोबो और फाल्कन जैसे उत्तरी तटीय राज्यों में देखने को मिला है। इन क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन का कहना है कि मलबा हटाने का कार्य अभी कई दिनों तक चल सकता है और जैसे-जैसे खोज अभियान आगे बढ़ेगा, मृतकों और लापता लोगों के आंकड़ों में बदलाव संभव है।













