पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने एक बार फिर बड़ा आंदोलन शुरू किया है। खैबर पख्तूनख्वा से PTI समर्थकों का लंबा काफिला इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा है। सरकार और पार्टी के बीच बातचीत के दो दौर के बावजूद सहमति नहीं बनने के बाद यह मार्च शुरू किया गया है। दूसरी ओर, राजधानी में प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी करते हुए धारा 144 लागू कर दी है और कई प्रमुख रास्तों को बंद कर दिया गया है।
PTI के मुताबिक, उसके करीब 2 हजार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। वहीं संसद और हाईवे के आसपास भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। कई मार्गों पर कंटेनर लगाए गए हैं, जिससे राजधानी की ओर जाने वाले रास्तों पर आवाजाही प्रभावित हुई है।
रातभर चली बातचीत, लेकिन नहीं निकला रास्ता
मार्च शुरू होने से पहले सरकार के वार्ताकारों और PTI नेताओं के बीच बातचीत का दूसरा दौर शनिवार शाम करीब 4 बजे शुरू हुआ था। यह बैठक रातभर चली, लेकिन रविवार तड़के दोनों पक्ष किसी सहमति तक नहीं पहुंच सके।
बातचीत विफल होने के बाद PTI समर्थकों ने सड़क पर उतरने का फैसला किया। पार्टी का काफिला खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मारवत से आगे बढ़ा। रविवार 4 अक्टूबर को बड़ी संख्या में समर्थक गांडी चौक पर जुटे और वहां से मार्च में शामिल हुए।
काफिला करीब 275 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा है। इसी बीच सरकार ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
इस्लामाबाद में धारा 144, संसद और हाईवे पर बढ़ी सुरक्षा
राजधानी इस्लामाबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों की आवाजाही रोकने के लिए कई रास्तों को कंटेनरों से बंद किया है। संसद और हाईवे की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है।
PTI का दावा है कि उसके करीब 2 हजार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। पार्टी के मुताबिक, सरकार की कार्रवाई के बावजूद समर्थक मार्च में शामिल होकर इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहे हैं।
आखिर PTI की क्या मांग है?
PTI नेताओं की प्रमुख मांग इमरान खान से जेल में मुलाकात की अनुमति से जुड़ी है। पार्टी चाहती है कि उसके नेताओं और समर्थकों को जेल में बंद इमरान खान से मिलने दिया जाए।
इसके अलावा PTI की मांग है कि इमरान खान के स्वास्थ्य की जांच के लिए निजी डॉक्टर को भी उनसे मिलने और उनका चेकअप करने की अनुमति दी जाए। इमरान की सेहत, खासकर उनकी आंखों की रोशनी से जुड़ी समस्या, को लेकर पार्टी लगातार यह मांग उठा रही है।
27 सितंबर को होना था मार्च, फिर टली तारीख
PTI ने पहले 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। हालांकि, सरकार की ओर से विरोध-प्रदर्शन रोकने के लिए उठाए गए कड़े कदमों के बाद पार्टी ने इसे 4 अक्टूबर तक टाल दिया।
मार्च टाले जाने के कारण सरकार पर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की बात भी सामने आई थी। अब 4 अक्टूबर से शुरू हुआ काफिला अलग-अलग इलाकों से समर्थकों को साथ लेते हुए इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा है।
करक से चरसद्दा तक तय हैं कई पड़ाव
PTI ने मार्च के लिए कई दिनों का रूट और रुकने के स्थान भी तय किए हैं। कार्यक्रम के अनुसार काफिला अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले प्रदर्शनकारियों को अपने साथ जोड़ते हुए आगे बढ़ेगा।
4 अक्टूबर: काफिला रात में करक के पास रुकेगा।
5 अक्टूबर: दोपहर 12:30 बजे करक से रवाना होकर रात में कोहाट के पास ठहरेगा।
6 अक्टूबर: दोपहर 12 बजे कोहाट, हंगू, कुर्रम और ओरकजई से आने वाले प्रदर्शनकारी काफिले में शामिल होंगे। इसके बाद मार्च पेशावर की ओर बढ़ेगा और रात में मत्तानी के पास रुकने का कार्यक्रम है।
7 अक्टूबर: दोपहर में काफिला पेशावर के बुध बैर से रवाना होगा। पेशावर के अन्य इलाकों से आने वाले लोग कोहाट रोड ब्रिज और मोटरवे टोल प्लाजा पर काफिले में शामिल होंगे। इसके बाद रात में चरसद्दा इंटरचेंज के पास पड़ाव होगा।
8 अक्टूबर: दोपहर 12:30 बजे चरसद्दा और मोहम्मद इलाके से आने वाले लोग भी मार्च में शामिल होंगे।
2023 से जेल में हैं इमरान खान
73 वर्षीय इमरान खान 2023 से जेल में बंद हैं। पूर्व क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान के खिलाफ भ्रष्टाचार और हिंसा भड़काने समेत 100 से ज्यादा मामले हैं। वह रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं।
उनके स्वास्थ्य को लेकर भी मामला चर्चा में रहा है। 18 अगस्त को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं, खासकर उनकी आंखों की रोशनी से जुड़ी समस्या को देखते हुए जांच और इलाज के लिए उन्हें इस्लामाबाद के एक निजी अस्पताल भेजने का आदेश दिया था। सरकार ने इस आदेश को चुनौती दी और बाद में पुनर्विचार याचिका भी दाखिल की।
फिलहाल PTI का मार्च खैबर पख्तूनख्वा से इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा है, जबकि राजधानी में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और कई प्रमुख रास्तों को बंद किया गया है।














