न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

ट्रंप ने 100% टैरिफ वाले रूस प्रतिबंध कानून पर किए हस्ताक्षर, भारत-चीन पर क्या होगा असर?

ट्रंप ने रूस प्रतिबंध कानून पर साइन कर भारत-चीन पर 100% तक टैरिफ का रास्ता खोला। जानें कानून के प्रावधान और भारत पर संभावित असर।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sat, 19 Sep 2026 8:11:57

ट्रंप ने 100% टैरिफ वाले रूस प्रतिबंध कानून पर किए हस्ताक्षर, भारत-चीन पर क्या होगा असर?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान से संबंधित प्रतिबंध कानून पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस कानून के तहत रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले कुछ देशों के सामान पर 100 फीसदी तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार अमेरिकी राष्ट्रपति को दिया गया है। भारत और चीन इस प्रावधान के संभावित दायरे में आ सकते हैं। हालांकि, कानून पर हस्ताक्षर होने का मतलब यह नहीं है कि दोनों देशों पर तुरंत 100 फीसदी टैरिफ लागू हो गया है।

ट्रंप ने किस कानून पर साइन किया?

व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप ने 18 सितंबर 2026 को Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026 पर हस्ताक्षर किए। इस कानून का उद्देश्य रूस के ऊर्जा क्षेत्र, वित्तीय संसाधनों और यूक्रेन युद्ध से जुड़े आर्थिक नेटवर्क पर दबाव बढ़ाना है। इसमें रूस से संबंधित अतिरिक्त प्रतिबंधों के साथ ईरान पर मौजूदा प्रतिबंधों को आगे बढ़ाने के प्रावधान भी शामिल हैं।

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने इस विधेयक को 262 के मुकाबले 159 मतों से पारित किया था। इससे पहले यह सीनेट से भी मंजूरी प्राप्त कर चुका था। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन गया है।

भारत और चीन पर 100% टैरिफ कैसे लग सकता है?

कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस के तेल और गैस के प्रमुख खरीदारों पर 100 फीसदी तक शुल्क लगाने की शक्ति देता है। इसके दायरे में उन देशों को शामिल किया जा सकता है जो रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा उत्पाद खरीदते हैं या प्रतिबंधों से बचने में उसकी मदद करते हैं। भारत और चीन रूस से ऊर्जा आयात करने वाले प्रमुख देशों में शामिल हैं, इसलिए उन पर संभावित प्रभाव को लेकर चर्चा हो रही है।

कानून के प्रावधानों के अनुसार, रूस के कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के शीर्ष पांच खरीदारों के सामान पर शुल्क लगाने की व्यवस्था की गई है। कुछ परिस्थितियों में गैस से जुड़े आयात के लिए छूट का प्रावधान भी मौजूद है। कानून के लागू होने और उसके प्रावधानों को लागू करने की प्रक्रिया में राष्ट्रपति को महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए हैं।

इसका अर्थ है कि 100 फीसदी टैरिफ की अधिकतम सीमा तय की गई है, लेकिन भारत और चीन के सभी सामान पर स्वतः 100 फीसदी शुल्क लगना सुनिश्चित नहीं है। वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिकी प्रशासन कानून को किस तरह लागू करता है और किन देशों या उत्पादों को इसके तहत लक्षित करता है।

भारत पर क्या असर पड़ सकता है?

भारत के लिए यह मामला रूस से कच्चे तेल की खरीद और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा है। भारत सरकार ने अमेरिकी विधेयक के पारित होने के बाद कहा था कि वह देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।

विदेश मंत्रालय ने 17 सितंबर को कहा कि भारत अपनी 140 करोड़ आबादी की ऊर्जा सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और बदलते बाजार हालात के अनुसार विविध स्रोतों से ऊर्जा खरीद जारी रखेगा। मंत्रालय के अनुसार, इस मुद्दे के संभावित प्रभावों पर अमेरिकी अधिकारियों के साथ उच्च स्तर पर चर्चा की गई है।

भारत सरकार ने यह भी कहा कि वह व्यापार और उद्योग से जुड़े संगठनों के साथ मिलकर इस घटनाक्रम के प्रभावों से निपटने के लिए काम करेगी। इस बयान से स्पष्ट है कि सरकार ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक हितों से जुड़े संभावित प्रभावों पर ध्यान दे रही है।

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर

नए कानून से भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना को लेकर चिंता जताई गई है। भारत पहले ही रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर अमेरिकी दबाव का सामना कर चुका है। भारतीय अधिकारियों ने ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए अमेरिकी पक्ष के सामने अपनी चिंताएं रखी हैं।

हालांकि, कानून में राष्ट्रपति को व्यापक निर्णय लेने की शक्ति दी गई है। इसलिए अभी यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि भारत के किन उत्पादों पर कितना शुल्क लगाया जाएगा या भारत के लिए कोई विशेष छूट उपलब्ध होगी। आगे की स्थिति अमेरिकी प्रशासन के फैसलों और कानून के कार्यान्वयन पर निर्भर करेगी।

अब आगे क्या होगा?


ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद कानून लागू हो गया है, लेकिन भारत और चीन पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का कोई स्वतः लागू होने वाला आदेश जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी प्रशासन को कानून के तहत मिलने वाले अधिकारों के आधार पर आगे के फैसले लेने होंगे।

फिलहाल, भारत सरकार ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत जारी रखने तथा आवश्यक कदम उठाने की बात कह चुकी है। भारत और चीन पर संभावित शुल्क का वास्तविक असर अमेरिकी प्रशासन के आगामी निर्णयों के बाद ही स्पष्ट होगा।

राज्य
View More

Shorts see more

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

  • चिया सीड्स हेल्दी हैं, सही कॉम्बिनेशन जरूरी
  • कुछ फूड्स के साथ सेवन से असर कम या पाचन खराब हो सकता है
  • डेयरी, शुगर, हाई फाइबर और ठंडी/नशीली चीजें बचें
read more

ताजा खबरें
View More

PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत