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ग्रीनलैंड पर ट्रंप का बड़ा ऐलान, अमेरिका को मिलेगी सुरक्षा की स्थायी जिम्मेदारी; डेनमार्क के साथ हुआ समझौता

डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अमेरिका-डेनमार्क समझौते की घोषणा की। जानें अमेरिकी सुरक्षा नियंत्रण, सैन्य मौजूदगी और ग्रीनलैंड की संप्रभुता पर इसका असर।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sat, 19 Sep 2026 8:17:56

ग्रीनलैंड पर ट्रंप का बड़ा ऐलान, अमेरिका को मिलेगी सुरक्षा की स्थायी जिम्मेदारी; डेनमार्क के साथ हुआ समझौता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को ग्रीनलैंड को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौते की घोषणा की। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच हुए समझौते से अमेरिका को द्वीप की सुरक्षा और अन्य आवश्यकताओं पर स्थायी नियंत्रण मिलेगा। इस व्यवस्था के तहत अमेरिका के किसी भी विरोधी देश को ग्रीनलैंड में सैन्य अड्डा बनाने या सैन्य मौजूदगी स्थापित करने के लिए अमेरिकी अनुमति लेनी होगी। हालांकि, समझौते की औपचारिक मंजूरी अभी बाकी है।

ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर क्या घोषणा की?


डोनाल्ड ट्रंप ने अपने Truth Social अकाउंट पर कहा कि अमेरिका ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की है, जिससे अमेरिका को ग्रीनलैंड की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की स्थायी क्षमता मिलेगी।

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका के किसी विरोधी देश को ग्रीनलैंड में सैन्य अड्डा बनाने, सैन्य मौजूदगी स्थापित करने या संवेदनशील निवेश करने की अनुमति नहीं होगी, जब तक उसे अमेरिका की लिखित मंजूरी प्राप्त न हो। उन्होंने ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की योजना तुरंत शुरू करने की बात भी कही।

डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने क्या कहा?

डेनमार्क और ग्रीनलैंड की सरकारों ने समझौते की पुष्टि की है। दोनों पक्षों की ओर से जारी संयुक्त बयान के अनुसार, समझौते पर अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हस्ताक्षर किए जाने की योजना है।

हालांकि, इस समझौते को लागू करने के लिए डेनमार्क और ग्रीनलैंड की संसदों से मंजूरी लेना आवश्यक होगा। इसलिए ट्रंप की घोषणा के बावजूद समझौते की अंतिम कानूनी स्थिति अभी संसदीय प्रक्रिया पर निर्भर है।

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा कि प्रस्तावित समझौता आर्कटिक और उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र में साझा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ डेनमार्क के साम्राज्य की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता तथा ग्रीनलैंड के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को मान्यता देता है।

क्या अमेरिका अब ग्रीनलैंड का मालिक बन जाएगा?

नहीं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित समझौता ग्रीनलैंड को अमेरिकी क्षेत्र में बदलने या उसकी संप्रभुता अमेरिका को सौंपने का प्रावधान नहीं करता।

ग्रीनलैंड डेनमार्क के अधीन एक स्वायत्त क्षेत्र है। ट्रंप की नई घोषणा का केंद्र अमेरिकी सुरक्षा और सैन्य पहुंच बढ़ाना है, न कि ग्रीनलैंड को औपचारिक रूप से अमेरिका में शामिल करना। समझौते के विस्तृत कानूनी प्रावधान अभी सार्वजनिक रूप से पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं।

ग्रीनलैंड में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी क्यों महत्वपूर्ण है?

ग्रीनलैंड आर्कटिक क्षेत्र में स्थित है और अमेरिका की सुरक्षा रणनीति में इसका महत्व है। प्रस्तावित समझौते के तहत अमेरिका को द्वीप पर अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने और सुरक्षा संबंधी गतिविधियों का विस्तार करने की अनुमति मिल सकती है।

रिपोर्टों के अनुसार, समझौते में अमेरिका के विरोधी देशों की सैन्य मौजूदगी और संवेदनशील निवेश को सीमित करने की व्यवस्था शामिल है। इससे ग्रीनलैंड में चीन और रूस जैसे देशों की संभावित रणनीतिक गतिविधियों को लेकर अमेरिकी चिंताओं को संबोधित करने का प्रयास किया गया है।

अब आगे क्या होगा?

अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने की योजना है। इसके बाद डेनमार्क और ग्रीनलैंड की संसदों में मंजूरी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

फिलहाल, ट्रंप की घोषणा से अमेरिकी सुरक्षा भूमिका बढ़ाने की योजना सामने आई है, लेकिन समझौते के अंतिम कानूनी प्रावधान और उसके कार्यान्वयन की विस्तृत जानकारी संसदीय मंजूरी तथा आधिकारिक दस्तावेजों के बाद स्पष्ट होगी।

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