न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

ममता बनर्जी के बागी खेमे को झटका, मुस्लिम विधायक कासेम सिद्दीकी की TMC में ‘घर वापसी’

पश्चिम बंगाल में TMC विधायक कासेम सिद्दीकी ने बागी गुट छोड़कर ममता बनर्जी के खेमे में वापसी की। उन्होंने कहा, ‘दीदी ही हमारे लिए सब कुछ हैं।’

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Tue, 25 Aug 2026 8:45:30

ममता बनर्जी के बागी खेमे को झटका, मुस्लिम विधायक कासेम सिद्दीकी की TMC में ‘घर वापसी’

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी खींचतान के बीच पार्टी के बागी खेमे को झटका लगा है। उत्तर 24 परगना की आमडांगा विधानसभा सीट से TMC विधायक कासेम सिद्दीकी ने बागी गुट से अलग होकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले खेमे में लौटने की घोषणा की है। वापसी के बाद सिद्दीकी ने ममता बनर्जी के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर करते हुए कहा कि वह राजनीति में रहने तक उनके साथ रहेंगे।

सिद्दीकी ने बागी गुट में जाने की वजह बताते हुए कहा कि उन्हें दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने के दौरान यह बताया गया था कि संबंधित कागजात ममता बनर्जी तक पहुंचेंगे और बागी समूह भी उन्हीं के नेतृत्व में काम करेगा। लेकिन उनके मुताबिक, वहां पहुंचने के बाद उन्हें ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया।

‘हमें धोखे में रखा गया’

कासेम सिद्दीकी ने कहा कि उन्हें यह समझाया गया था कि बागी गुट का काम भी ममता बनर्जी के नेतृत्व में ही चलेगा। लेकिन जब उन्होंने गुट की गतिविधियों को करीब से देखा तो TMC प्रमुख का नाम या उल्लेख वहां नजर नहीं आया।

इसके बाद उन्होंने बागी गुट से अलग होने का फैसला किया। सिद्दीकी ने भावुक अंदाज में ममता बनर्जी को लेकर कहा, “दीदी ही हमारे लिए सब कुछ हैं।”

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने उन्हें चुनाव लड़ने का मौका दिया और विधानसभा तक पहुंचाया। उनके मुताबिक, उन्होंने ममता बनर्जी की तस्वीर के साथ लोगों से वोट मांगे थे और मतदाताओं ने भी उन्हें ममता बनर्जी के नेतृत्व के आधार पर समर्थन दिया। सिद्दीकी ने कहा कि जब तक वह राजनीति में रहेंगे, ममता बनर्जी के साथ बने रहेंगे।

पिछले साल TMC में शामिल हुए थे सिद्दीकी


संदर्भ सामग्री के अनुसार, कासेम सिद्दीकी पिछले साल तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे। पार्टी ने उन्हें राज्य महासचिव की जिम्मेदारी दी थी। इसके बाद विधानसभा चुनाव में उन्हें आमडांगा सीट से उम्मीदवार बनाया गया, जहां उन्होंने जीत दर्ज की।

सिद्दीकी का संबंध हुगली जिले के फुरफुरा शरीफ दरगाह से बताया गया है और मुस्लिम समुदाय के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। ऐसे में उनका बागी खेमे से वापस ममता बनर्जी के साथ आना पार्टी के भीतर चल रहे विवाद के बीच अहम घटनाक्रम के तौर पर सामने आया है।

50 से ज्यादा विधायक हुए थे बागी

पार्टी में चुनाव के बाद शुरू हुई खींचतान के बीच 50 से अधिक विधायकों के ममता बनर्जी से अलग होने और विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले बागी गुट में शामिल होने की बात संदर्भ सामग्री में कही गई है। इन विधायकों ने ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोला था।

अब कासेम सिद्दीकी की वापसी से पार्टी के भीतर चल रहे शक्ति संघर्ष के बीच बागी खेमे की एकता पर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि, संदर्भ सामग्री में यह जानकारी नहीं दी गई है कि उनके अलावा कितने विधायक वापस ममता बनर्जी के साथ आए हैं।

तृणमूल छात्र परिषद के कार्यक्रम पर भी विवाद

इस बीच TMC का आंतरिक विवाद एक अन्य मुद्दे पर भी सामने आया है। 28 अगस्त को मेयो रोड पर गांधी प्रतिमा के पास तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस कार्यक्रम के आयोजन को लेकर पार्टी के दोनों गुटों ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले कालीघाट गुट ने सोमवार को अदालत में याचिका दाखिल कर पारंपरिक स्थल पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति के लिए तत्काल सुनवाई की मांग की। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने जल्द सुनवाई की मांग स्वीकार कर ली है और मामले पर मंगलवार को सुनवाई होनी है।

तृणमूल कांग्रेस पारंपरिक रूप से मेयो रोड पर अपनी छात्र शाखा का स्थापना दिवस मनाती रही है। संदर्भ सामग्री के मुताबिक, 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार और उसके बाद सामने आए विभाजन के कारण इस बार कार्यक्रम को लेकर विवाद पैदा हुआ है।

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

  • किचन का आम तेल भी बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह
  • Linoleic Acid बढ़ा सकता है खतरनाक Triple-Negative Breast Cancer
  • सरसों का तेल, नारियल तेल या देसी घी हो सकते हैं सुरक्षित विकल्प
read more

ताजा खबरें
View More

PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत