उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उस पर भरोसा करना मगरमच्छ से नदी पार कराने जैसा है। बुधवार को शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित महासम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने सपा पर परिवारवाद को प्राथमिकता देने, वादों से पीछे हटने और राजनीतिक रुख बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने लोगों से ऐसी राजनीति के प्रति सतर्क रहने की अपील की, जिसमें प्रदेश के हितों से ऊपर परिवार को रखा जाता है।
राज्यसभा सीटों को लेकर सपा की PDA राजनीति पर सवाल
योगी आदित्यनाथ ने राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी की PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्यसभा की 10 सीटों में से आठ भाजपा और दो सपा के खाते में गईं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, भाजपा ने अलग-अलग समाजों को प्रतिनिधित्व दिया, जबकि सपा ने एक सीट अपने चाचा रामगोपाल यादव और दूसरी मुंबई के एक धन्नासेठ को दी। उन्होंने सवाल किया कि PDA की बात करने वाली पार्टी को काशी, गाजीपुर या बलिया से कोई यादव, दलित अथवा मुस्लिम प्रत्याशी क्यों नहीं मिला। योगी ने आरोप लगाया कि सपा ने सामाजिक प्रतिनिधित्व की बात करने के बावजूद अपने परिवार को प्राथमिकता दी।
शिक्षकों और युवाओं के मुद्दे पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने सपा पर शिक्षकों और युवाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का शिक्षा से कोई सरोकार नहीं है और जो माफिया की कब्र पर आंसू बहाने जाते हैं, उनसे शिक्षकों के हितों की उम्मीद कैसे की जा सकती है। इसके विपरीत, योगी ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाई है और युवाओं को रोजगार के अवसर दिए हैं। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे केवल विद्यार्थियों का भविष्य नहीं बनाते, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी योगदान देते हैं। योगी ने कहा कि विधान परिषद में ऐसा प्रतिनिधि होना चाहिए, जो शिक्षकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के सामने शिक्षकों की कोई समस्या आने पर उसका समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
2017 से पहले की कानून-व्यवस्था का किया जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और धार्मिक पर्यटन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले त्योहारों के दौरान दंगों और उपद्रव की घटनाएं प्रदेश की छवि को प्रभावित करती थीं। उनके मुताबिक, खराब कानून-व्यवस्था के कारण निवेशक भी उत्तर प्रदेश आने से हिचकते थे। योगी ने दावा किया कि अब प्रदेश की पहचान काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में राम जन्मभूमि, प्रयागराज महाकुंभ और मथुरा-वृंदावन जैसे धार्मिक स्थलों से हो रही है। उन्होंने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम में प्रतिदिन औसतन एक लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन को आर्थिक गतिविधियों से भी जोड़ा।














