
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में रविवार की देर रात छपार थाना क्षेत्र के बिजोपुरा चौराहे के पास एक ऐसी मुठभेड़ हुई जिसने इलाके में सनसनी फैला दी। यह कोई मामूली टकराव नहीं था, बल्कि वह पल था जब कानून ने शातिर अपराधी शाहरुख पठान की कहानी पर अंत की मुहर लगा दी। एसटीएफ की महीनों की मेहनत, सूचनाएं, पीछा और प्लानिंग – आखिरकार रंग लाई और 50 हजार के इनामी बदमाश को मुठभेड़ में मार गिराया गया।
खूंखार अपराधी था शाहरुख पठान, कई बार चकमा देकर हो जाता था फरार
पुलिस के अनुसार, मारा गया बदमाश शाहरुख पठान न केवल मुख्तार अंसारी और संजीव जीवा जैसे कुख्यात गैंगस्टर्स का शार्प शूटर था, बल्कि उस पर लूट और हत्या के एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे। हाल ही में वह जमानत पर बाहर था और फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया था। पुलिस को कई बार उसकी लोकेशन मिली, लेकिन हर बार वह चालाकी से चकमा देकर फरार हो जाता।
मुठभेड़ की रात – जब घेराबंदी में फंस गया खूंखार अपराधी
बीती रात जब एसटीएफ मेरठ को शाहरुख की पुख्ता लोकेशन मिली, तो टीम बिना वक्त गंवाए ऐक्शन में आ गई। जैसे ही पुलिस ने बिजोपुरा चौराहे के पास जंगल में घेराबंदी की, बदमाशों की ओर से फायरिंग शुरू हो गई।
जवाबी फायरिंग में एसटीएफ की गोली लगने से शाहरुख पठान मारा गया।
घटनास्थल से एक ब्रेज़ा कार, एक पिस्टल, दो रिवॉल्वर, कई जिंदा और तीन खोखा कारतूस बरामद हुए हैं, जो उसकी अपराध की दुनिया में सक्रियता को दर्शाते हैं।
जमानत पर बाहर आकर फिर से रचने लगा था साजिशें
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, करीब छह महीने पहले जमानत पर रिहा हुए शाहरुख ने गवाहों को धमकाना और हत्या की साजिश रचना शुरू कर दिया था। इस पर नए मुकदमे भी दर्ज हुए। पुलिस की टीमें लगातार उसकी तलाश में लगी थीं और इस बार वह कानून के शिकंजे से बच नहीं सका।
शहर में फैली दहशत, लोगों ने ली राहत की सांस
इस एनकाउंटर के बाद इलाके में जहां एक ओर तनाव और सनसनी का माहौल है, वहीं लोगों ने राहत की भी सांस ली है। एक ऐसा अपराधी जो लंबे समय से कानून को चुनौती दे रहा था, आखिरकार अब न्याय की गिरफ़्त में आ चुका है – भले ही उसकी कहानी का अंत गोलियों से हुआ हो।














