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राम मंदिर प्रशासन की कमान अब पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के हाथ, बने ट्रस्ट के पहले CEO

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को पहला CEO नियुक्त किया। जानें उनकी नई जिम्मेदारियां और करीब चार दशक के सैन्य अनुभव के बारे में।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Wed, 02 Sep 2026 5:23:08

राम मंदिर प्रशासन की कमान अब पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के हाथ, बने ट्रस्ट के पहले CEO

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। बुधवार को ट्रस्ट की ओर से उनके नाम पर मुहर लगाई गई। नई जिम्मेदारी के तहत मिश्रा मंदिर की रोजमर्रा की प्रशासनिक व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं से जुड़ी सुविधाओं और अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय का काम देखेंगे।

CEO के चयन के लिए गठित समिति ने ट्रस्ट के सामने तीन नामों का पैनल रखा था। इसमें उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय, बिहार के पूर्व डीजीपी डॉ. परेश सक्सेना और पूर्व आईएएस दिनेश चंद्र शामिल थे। ट्रस्ट ने इन नामों पर विचार-विमर्श के बाद पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को इस पद के लिए चुना।

चार दशक का सैन्य अनुभव

जितेंद्र मिश्रा का भारतीय वायुसेना में लंबा करियर रहा है। उन्होंने 6 दिसंबर 1986 को फाइटर पायलट के रूप में वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया था। लगभग चार दशक की सेवा के दौरान उन्होंने कई अहम पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं।

अपने सैन्य कार्यकाल में मिश्रा ने 18 से अधिक अलग-अलग प्रकार के विमानों पर उड़ान भरी और तीन हजार घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव हासिल किया। उनका अनुभव केवल विमान संचालन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रणनीतिक योजना, नेतृत्व और बड़े स्तर पर संस्थागत समन्वय से जुड़ी जिम्मेदारियां भी उनके करियर का हिस्सा रही हैं।

पश्चिमी वायु कमान का भी कर चुके हैं नेतृत्व


पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने एकीकृत रक्षा स्टाफ में उप प्रमुख (सिद्धांत, संगठन एवं प्रशिक्षण) की जिम्मेदारी भी संभाली थी।

सैन्य सेवा के दौरान उन्हें संचालन और रणनीतिक योजना से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व मिले। विभिन्न संस्थाओं और एजेंसियों के बीच समन्वय का उनका अनुभव भी उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर रणनीतिक और संवेदनशील जिम्मेदारियों से भी जुड़ा रहा है। संदर्भ के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी उनके पास थी।

अब राम मंदिर के पहले CEO के रूप में उनकी भूमिका मंदिर की प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था से जुड़ी होगी। दैनिक प्रशासन के अलावा श्रद्धालुओं की सुविधाओं तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बनाए रखना भी उनकी जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा। ऐसे में सैन्य सेवा के दौरान हासिल संचालन, नेतृत्व और समन्वय के अनुभव को उनकी नई भूमिका के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ट्रस्ट की ओर से CEO पद के लिए जितेंद्र मिश्रा का चयन मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को एक निर्धारित कार्यकारी ढांचे के तहत आगे बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम है।

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