राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ सामने आता दिख रहा है। एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद जांच प्रक्रिया में तेजी आ गई है और इस मामले से जुड़े सभी 8 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है। इसी बीच सूत्रों के हवाले से एक अहम जानकारी सामने आ रही है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर उनसे पद छोड़ने की मांग की जा रही है। इसके साथ ही ट्रस्ट से जुड़े अनिल मिश्रा के इस्तीफे की भी चर्चा तेज हो गई है।
FIR में नहीं है चंपत राय का नाम
गौरतलब है कि चढ़ावा चोरी से जुड़े इस पूरे विवाद में जिन 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, उसमें न तो चंपत राय का नाम शामिल है और न ही अनिल मिश्रा का। इसके बाद यह सवाल और तेज हो गए कि क्या एसआईटी की जांच में चंपत राय को किसी तरह की क्लीनचिट दी गई है। हालांकि ताजा सूत्रों की मानें तो इसके बावजूद भी उनके इस्तीफे की संभावनाएं जताई जा रही हैं और माना जा रहा है कि वह नैतिक आधार पर पद छोड़ सकते हैं।
सूत्रों का यह भी कहना है कि चढ़ावा प्रबंधन और निगरानी प्रणाली में गंभीर खामियां सामने आई हैं, जिसके चलते यह पूरी घटना हुई।
SIT रिपोर्ट में क्या सामने आया?
एसआईटी की शुरुआती जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि चढ़ावे की निगरानी व्यवस्था में पर्याप्त सख्ती नहीं बरती गई। इसके अलावा स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का सही तरीके से पालन नहीं किया गया, जिसकी वजह से कथित तौर पर चढ़ावा चोरी की घटना को अंजाम देने का मौका मिला।
अब जैसे-जैसे इस मामले में गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, वैसे-वैसे प्रशासनिक स्तर पर भी जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, इसी नैतिक जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए चंपत राय के इस्तीफे की संभावना प्रबल मानी जा रही है।













