
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। एक युवक ने अपनी गर्भवती पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी — वो भी महज़ शादी के छह महीने बाद। महिला के पेट में पल रहे नन्हे जीवन को भी दुनिया में आने से पहले ही बेरहमी से खत्म कर दिया गया।
घटना गंगानगर थाना क्षेत्र के अम्हेड़ा इलाके की है, जहां आरोपी पति रविशंकर ने अपनी पत्नी सपना पर चाकू और ब्लेड से लगभग 20 बार वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। कारण? उसे पत्नी के चरित्र पर शक था। शक की बुनियाद पर इस कदर वहशी कदम उठाया गया, जिसने दो ज़िंदगियों को एक साथ खत्म कर दिया।
शादी के कुछ महीनों बाद टूटा कहर
सपना मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र के जाटवगेट इलाके की रहने वाली थी। इस साल जनवरी में उसकी शादी रविशंकर से हुई थी, जो भावनपुर के किनानगर का निवासी है। सपना अपनी बहन और जीजा के साथ अम्हेड़ा में रह रही थी — उन्होंने ही शादी करवाई थी। उन्हें क्या मालूम था कि जिसे उन्होंने घर बुलाया है, वही उनकी बहन की जान ले लेगा।
कुछ दिन पहले सपना, अपनी बहन के घर आई हुई थी। शनिवार के दिन, आरोपी रविशंकर ने सपना को कॉल किया और बहाना बनाया कि उसने कोई डरावना सपना देखा है, इसीलिए उससे मिलना चाहता है। सपना की बहन और जीजा उस समय घर से बाहर थे, बच्चे स्कूल में थे — घर में सपना अकेली थी।
‘आंखें बंद करो, तुम्हारे लिए कुछ लाया हूं’
रविशंकर ने घर पहुंचते ही सपना से कहा कि उसके लिए वह एक लॉकेट लेकर आया है और वह खुद उसे पहनाना चाहता है। उसने सपना को ऊपर वाली मंजिल पर बुलाया और कमरे का दरवाज़ा बंद कर दिया। सपना को ज़रा भी अंदेशा नहीं था कि कुछ ही क्षणों में उसकी दुनिया हमेशा के लिए खत्म होने वाली है।
जैसे ही सपना ने आंखें बंद कीं, रविशंकर ने चाकू और ब्लेड से उस पर एक के बाद एक 20 वार किए। हमला इतना अचानक और तेज़ था कि सपना खुद को बचा भी नहीं सकी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। यह हमला न केवल उसकी जान ले गया, बल्कि उसके गर्भ में पल रहे शिशु को भी निगल गया।
चीखें सुन दौड़ी बहन, लेकिन सब हो चुका था
सपना की चीखें सुनकर उसकी बहन फौरन ऊपर दौड़ी, लेकिन दरवाज़ा भीतर से बंद था। आसपास के लोग भी शोर सुनकर जमा हो गए। पुलिस को सूचना दी गई। जब दरवाज़ा खुलवाया गया, तो सपना खून से सनी ज़मीन पर पड़ी थी। किसी को भी उसकी हालत देख विश्वास नहीं हो रहा था।
हैरानी की बात यह रही कि इस निर्मम हत्या के बाद आरोपी रविशंकर ने खुद ही पुलिस को कॉल कर वारदात की जानकारी दी। पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया। लोगों ने रविशंकर पर हाथ उठाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस उसे अपने साथ ले गई।
मृतका के परिवार का आरोप, न्याय की मांग
सपना की बहन और जीजा ने रविशंकर के साथ-साथ उसके पिता विशंबर, मां विमला और बहनों रजनी व रचना के खिलाफ दहेज हत्या और साजिश का केस दर्ज करवाया है। उनका आरोप है कि ससुराल वाले लगातार सपना को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
वहीं पुलिस की पूछताछ में रविशंकर ने अपनी पत्नी की हत्या का कारण ‘शक’ बताया है। उसका कहना है कि उसे सपना के चाल-चलन पर संदेह था और इसी गुस्से में उसने यह कदम उठा लिया।
14 दिन की न्यायिक हिरासत, आगे की जांच जारी
पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं से जांच कर रही है — क्या यह हत्या वाकई शक के चलते हुई या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है? क्या ससुरालवालों की भूमिका इसमें और गहरी है?
यह मामला न केवल एक पति की क्रूरता को उजागर करता है, बल्कि समाज में फैले उस जहरीले सोच की ओर इशारा करता है, जहां औरत को संदेह की नज़रों से देखा जाता है और शक की सज़ा मौत बन जाती है।














