
आई लव मोहम्मद विवाद को लेकर बरेली में हाल ही में हुई हिंसा ने सुर्खियां बटोरी हैं। इसी बीच सहारनपुर पुलिस ने लोकसभा सांसद और नगीना निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधि चंद्रशेखर आजाद को हिंसा पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए बरेली जाने से रोक दिया। पुलिस ने उन्हें अपने आवास पर ही बने रहने का आदेश दिया।
घर में नजरबंदी और सुरक्षा व्यवस्था
सहारनपुर के अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सागर जैन के अनुसार, सांसद आजाद बुधवार देर रात छुटमलपुर की हरिजन कॉलोनी स्थित अपने घर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें बरेली न जाने की सलाह दी। सूत्रों ने बताया कि आजाद के आवास के आसपास रातभर पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी तैनात रही और बैरिकेड्स लगाकर उन्हें घर में ही रहने को कहा गया।
सोशल मीडिया पर चंद्रशेखर का संदेश
बुधवार रात चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि वे बरेली में हिंसा पीड़ित परिवारों से मिलना चाहते हैं। इसके बाद प्रशासन हाई अलर्ट पर आ गया। सांसद ने योगी सरकार पर सवाल उठाया कि अगर बरेली में कुछ भी गलत नहीं हुआ है, तो उन्हें क्यों रोका जा रहा है। उनके समर्थकों ने भी इस कदम पर निराशा व्यक्त की।
भीम आर्मी की प्रतिक्रिया
भीम आर्मी ने बयान जारी कर कहा कि यह प्रयास पीड़ितों की आवाज दबाने और सामाजिक न्याय की लड़ाई रोकने का है। संगठन ने भरोसा दिलाया कि वे समाज के साथ मिलकर न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
लोकतंत्र और न्याय के लिए प्रतिबद्धता
अपने पोस्ट में आजाद ने अधिकारियों पर लोकतंत्र का गला घोंटने के प्रयास का आरोप लगाया और हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए न्याय दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने पूछा कि यदि बरेली में मुस्लिम नागरिकों के साथ कोई अन्याय नहीं हुआ है, तो राज्य सरकार उन्हें बरेली जाने से क्यों रोक रही है।
बरेली में तनाव की पृष्ठभूमि
बरेली में 26 सितंबर को 'आई लव मोहम्मद' विवाद और उसके बाद हुई हिंसा के कारण तनाव बना हुआ है। इससे पहले बुधवार को सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद और विधायक शाह नवाज़ खान को भी उनके आवास पर रोक दिया गया था, जब वे बरेली जाने की योजना बना रहे थे।














