जोधपुर। शहर में चर्चित रहे हिस्ट्रीशीटर विक्की फाइटर हत्याकांड का कमिश्नरेट पुलिस ने तेजी से खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। वारदात के महज 72 घंटे के भीतर पुलिस ने गैंगवार में शामिल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक बाल अपचारी को निरुद्ध किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब प्रकरण में हत्या की धारा भी जोड़ दी है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश के लिए लगातार कार्रवाई जारी रखी हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अजय घारू (38), विशाल पंडित (36), विश्वास तेजी उर्फ चिक्कू (45), मोहित चांवरिया (24), मनीष बोयत (31), साहिल राठी (26), प्रिंस घारू (19) और हर्षित तंवर (19) शामिल हैं। सभी आरोपियों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किए जाने की संभावना जताई गई है। वहीं पुलिस का कहना है कि फरार अन्य संदिग्धों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग टीमों द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है।
विशेष टीम बनाकर चलाया गया ऑपरेशन
मामले के खुलासे के लिए पुलिस आयुक्त शरत कविराज और डीसीपी (पश्चिम) कमल शेखावत के निर्देशन में व्यापक स्तर पर अभियान चलाया गया। एडीसीपी (पश्चिम) नरेंद्र सिंह देवड़ा और एडीसीपी (प्रतापनगर) नतीशा जाखड़ की निगरानी में नौ थाना प्रभारियों और एजीटीएफ की संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया।
जांच टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया और मुखबिर तंत्र के साथ फील्ड इंटेलिजेंस का सहारा लिया। इन सभी जानकारियों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई और लगातार दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि पूरे ऑपरेशन को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया, जिसके चलते कम समय में महत्वपूर्ण सफलता मिली।
वारदात के बाद मेड़ता और ब्यावर में छिपे आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गैंगवार में कुल 13 से 14 लोगों की भूमिका रही थी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी अलग-अलग स्थानों पर भाग गए थे ताकि पुलिस की गिरफ्त से बच सकें। जांच के दौरान पता चला कि तीन आरोपी मोपेड पर सवार होकर ब्यावर पहुंचे थे। वहां उन्होंने अपना वाहन एक पेट्रोल पंप के पास छोड़ दिया और फिर अन्य साधनों से फरार हो गए।
वहीं कई अन्य आरोपी मेड़ता क्षेत्र में अपने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां जाकर छिप गए थे। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, तकनीकी निगरानी और लगातार छापेमारी के जरिए आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शेष आरोपियों की तलाश के लिए जोधपुर, मेड़ता, ब्यावर और आसपास के क्षेत्रों में सघन अभियान चलाया जा रहा है।
पहले की गई रेकी, फिर हमला करने पहुंचे बदमाश
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि पूरी वारदात पहले से तय योजना के तहत अंजाम दी गई थी। घटना से पहले दो युवकों को विक्की फाइटर और सन्नी हंस की गतिविधियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई थी। दोनों ने जीतू के गैराज के पास स्थित पेट्रोल पंप वाली गली में उनकी रेकी की और उनकी मौजूदगी की सूचना अन्य साथियों तक पहुंचाई।
सूचना मिलते ही मुख्य आरोपी अजय घारू के नेतृत्व में 13-14 बदमाश चार स्कूटर और तीन मोटरसाइकिलों सहित कुल सात दुपहिया वाहनों पर सवार होकर मौके पर पहुंचे। वहां पहुंचते ही हमलावरों ने दोनों युवकों को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने के बाद जब दोनों नीचे गिर गए तो आरोपियों ने उन पर धारदार हथियारों से भी हमला किया और फिर मौके से फरार हो गए।
गोलीबारी और धारदार हथियारों से किया गया था हमला
गौरतलब है कि 12वीं रोड क्षेत्र में गुरुवार रात हुए इस हमले ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी। हमले के दौरान विक्की फाइटर के सिर में गोली लगी थी, जबकि सन्नी हंस की पीठ में गोली लगी थी। इसके अलावा दोनों पर धारदार हथियारों से भी कई वार किए गए थे, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद दोनों को तत्काल उपचार के लिए एमडीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की टीम ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान शनिवार को विक्की फाइटर ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत के बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ते हुए जांच को और तेज कर दिया।
अब तक हुई कार्रवाई को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे षड्यंत्र और गैंगवार की पृष्ठभूमि पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। इसी दिशा में पुलिस की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।














