राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर में इस बार श्रद्धालुओं ने जमकर चढ़ावा चढ़ाया है। मंदिर के भंडार से नकदी, सोना और चांदी की बड़ी मात्रा मिली है। पांच चरणों में हुई गिनती के बाद कुल नकद चढ़ावा 31 करोड़ 17 लाख 92 हजार रुपये से अधिक पहुंच गया है। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने 930 ग्राम से ज्यादा सोना और 92 किलोग्राम से अधिक चांदी भी अर्पित की है। मंदिर की दानपेटियों से अमेरिका और ब्रिटेन समेत 19 देशों की विदेशी मुद्रा भी मिली है। सांवलिया सेठ मंदिर में हर महीने बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार नकद राशि, सोना-चांदी और अन्य भेंट चढ़ाते हैं। इस बार भी मंदिर के भंडार में भारी चढ़ावा आया है। खास बात यह है कि दानपेटियों में मिले नकद चढ़ावे के अलावा लोगों ने ऑनलाइन भुगतान और मनीऑर्डर के जरिए भी करोड़ों रुपये मंदिर को भेजे हैं।
पांच चरणों में हुई दानपेटियों से मिले कैश की गिनती
सांवलिया सेठ मंदिर की दानपेटियां आमतौर पर हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के अवसर पर खोली जाती हैं। इस बार मंदिर का भंडार 9 अक्टूबर को खोला गया था। इसके बाद दानपेटियों से निकली नकदी की गिनती शुरू हुई, जिसे पांच चरणों में पूरा किया गया। गिनती का अंतिम चरण 15 अक्टूबर को समाप्त हुआ। पांचों चरणों में दानपेटियों से कुल 23 करोड़ 58 लाख 44 हजार रुपये से अधिक की नकदी प्राप्त हुई। मंदिर में आए चढ़ावे की यह राशि अपने आप में बड़ी है। गिनती पूरी होने के बाद नकद दान का आंकड़ा सामने आया, जिसमें ऑनलाइन भुगतान और मनीऑर्डर के जरिए प्राप्त रकम को भी शामिल किया गया।
ऑनलाइन पेमेंट और मनीऑर्डर से भी आए 7.59 करोड़ रुपये
भक्तों ने सांवलिया सेठ के दरबार में केवल दानपेटियों के माध्यम से ही चढ़ावा नहीं चढ़ाया, बल्कि ऑनलाइन भुगतान और मनीऑर्डर के जरिए भी बड़ी रकम भेजी। इन माध्यमों से मंदिर को 7 करोड़ 59 लाख 47 हजार रुपये मिले हैं। दानपेटियों से प्राप्त 23 करोड़ 58 लाख 44 हजार रुपये से अधिक की नकदी और ऑनलाइन पेमेंट व मनीऑर्डर से आई रकम को मिलाकर कुल नकद चढ़ावा 31 करोड़ 17 लाख 92 हजार रुपये से अधिक हो गया है। इस तरह मंदिर में भक्तों की ओर से नकद रूप में चढ़ाई गई राशि 31 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई।
930 ग्राम से ज्यादा सोना और 92 किलो से अधिक चांदी
नकदी के अलावा सांवलिया सेठ के भंडार से सोने और चांदी के आभूषण भी मिले हैं। इस बार श्रद्धालुओं ने मंदिर में 930 ग्राम 100 मिलीग्राम सोना अर्पित किया है। वहीं, चांदी का कुल वजन 92 किलोग्राम 242 ग्राम 320 मिलीग्राम दर्ज किया गया है। श्रद्धालुओं की ओर से श्रद्धापूर्वक चढ़ाए गए सोने और चांदी के जेवरात भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। नकदी के साथ इन कीमती धातुओं के रूप में मिले दान से मंदिर में चढ़ावे की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त दानपेटियों में अमेरिका, ब्रिटेन सहित कुल 19 देशों की विदेशी मुद्रा भी प्राप्त हुई है। इससे मंदिर को अलग-अलग देशों से आने वाले भक्तों की ओर से दिए जाने वाले चढ़ावे का भी पता चलता है।
कई व्यापारी सांवलिया सेठ को मानते हैं बिजनेस पार्टनर
सांवलिया सेठ मंदिर में हर महीने करोड़ों रुपये का चढ़ावा आने के पीछे भक्तों की गहरी आस्था को अहम माना जाता है। खास तौर पर कई व्यापारी भगवान सांवलिया सेठ को अपना बिजनेस पार्टनर मानते हैं। ऐसे व्यापारी कारोबार में होने वाले मुनाफे का एक हिस्सा भगवान के दरबार में अर्पित करते हैं। इसी मान्यता के चलते कई कारोबारी अपनी कमाई का कुछ हिस्सा मंदिर की दानपेटी में डालते हैं। यही वजह बताई जाती है कि मंदिर का भंडार खुलने और दानराशि की गिनती होने पर अक्सर करोड़ों रुपये का चढ़ावा सामने आता है। भक्तों की ओर से नकदी के साथ सोना-चांदी और अन्य भेंट अर्पित किए जाने की परंपरा भी मंदिर में मिलने वाले कुल दान को बढ़ाती है।
अगस्त में भी मिला था करोड़ों रुपये का चढ़ावा
सांवलिया सेठ मंदिर में इस साल अगस्त में भी भारी मात्रा में चढ़ावा प्राप्त हुआ था। उस समय मंदिर की दानपेटियों से कुल 27 करोड़ 89 लाख 54 हजार 347 रुपये की दानराशि मिली थी। इसके साथ ही 1 किलोग्राम 38 ग्राम 300 मिलीग्राम सोना और 133 किलोग्राम 653 ग्राम चांदी भी चढ़ावे में प्राप्त हुई थी। अगस्त में नकद दानपेटियों से मिली रकम के अलावा मनीऑर्डर, ऑनलाइन पेमेंट और भेंट के माध्यम से भी श्रद्धालुओं ने योगदान दिया था। इन माध्यमों से कुल 7 करोड़ 77 लाख 10 हजार 81 रुपये मिले थे। इस बार भी नकद चढ़ावे के साथ ऑनलाइन भुगतान और मनीऑर्डर से करोड़ों रुपये प्राप्त हुए हैं। मंदिर के भंडार में हर महीने आने वाला यह चढ़ावा सांवलिया सेठ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और व्यापारियों की मान्यताओं को दर्शाता है।














