
राजस्थान में सर्दी का असर धीरे-धीरे तेज होता जा रहा है। उत्तरी बर्फीली हवाओं ने राज्य के तापमान में गिरावट ला दी है, जिससे ठंड और अधिक महसूस की जा रही है। कई जिलों में रात का तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे सुबह और देर शाम ठिठुरन बढ़ गई है। इसके साथ ही अब कोहरे का प्रभाव भी नजर आने लगा है। पिछले दो हफ्तों से सीकर में तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, हवा के पैटर्न में बदलाव के कारण 24 से 26 नवंबर तक जयपुर समेत कई जिलों में तेज ठंडी हवाएं चलेंगी और रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है।
माउंट आबू में 15 साल का नवंबर रिकॉर्ड टूटा
पर्वतीय स्थल माउंट आबू में इस बार ठंड ने इस कदर दस्तक दी कि नवंबर में 15 साल में पहली बार न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री पर पहुंच गया। पिछले तीन दिनों से माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 0°C दर्ज किया जा रहा है। इससे स्थानीय जनजीवन प्रभावित हुआ है और लोग सुबह और शाम को जगह-जगह अलाव जलाते नजर आ रहे हैं।
सीकर बना सबसे ठंडा जिला
मौसम विभाग के डेली डेटा के अनुसार, रविवार को राजस्थान के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क बना रहा। दिन का सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रात का न्यूनतम पारा सीकर के फतेहपुर में 7.1 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो राज्य का सबसे कम था। राज्य में औसत आर्द्रता 30 से 70 प्रतिशत के बीच रही, जो मौसम में लगातार बदलाव का संकेत देती है।
मुख्य जिलों का न्यूनतम तापमान
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को अजमेर में 13.2°C, भीलवाड़ा 11.4°C, अलवर 10.0°C, जयपुर 13.3°C, पिलानी 10.2°C, सीकर 8.5°C, कोटा 12.4°C, चित्तौड़गढ़ 11.6°C, बाड़मेर 15.6°C, जैसलमेर 11.9°C, जोधपुर 10.6°C, बीकानेर 12.0°C, चूरू 9.1°C, श्रीगंगानगर 10.5°C, नागौर 8.9°C, जालौर 8.6°C, कारोली 10.8°C, दौसा 9.3°C और झुंझुनूं 10.1°C न्यूनतम दर्ज किया गया।
24 से 26 नवंबर तक सर्दी और बढ़ेगी
एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राजस्थान में आने वाले चार दिनों में कड़ाके की सर्दी का असर रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 24 से 26 नवंबर के बीच जयपुर और आसपास के जिलों में तेज ठंडी हवाएं चलेंगी और रात का तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिर सकता है। मैदानी क्षेत्रों में रात का तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है। 27 से 29 नवंबर के दौरान मौसम शुष्क रहने पर कड़ाके की सर्दी में आंशिक राहत मिलने की उम्मीद है।














