
राजस्थान के झुंझुनूं जिले में नशे के अवैध कारोबार का एक बड़ा खुलासा हुआ है। नांद का बास गांव में बाहर से साधारण दिखने वाला एक पोल्ट्री फार्म असल में करोड़ों रुपये के ड्रग्स कारोबार का केंद्र निकला। महाराष्ट्र पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टीम ने मंगलवार को यहां छापा मारकर करीब 100 करोड़ रुपये की एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था और उसे सील कर दिया था।
छापेमारी के दौरान इस नेटवर्क के मुख्य आरोपी को भी हिरासत में लिया गया। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने इस अवैध धंधे के खिलाफ अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
पोल्ट्री फार्म की आड़ में छिपा था ड्रग्स का अड्डा
पुलिस अधीक्षक बृजेश उपाध्याय के सख्त निर्देश पर बुधवार सुबह पुलिस की एक बड़ी टीम भारी सुरक्षा बल के साथ गांव पहुंची। पूरे इलाके को घेरकर कार्रवाई शुरू की गई। बाहर से मुर्गी पालन का काम करता दिखने वाला यह फार्म, अंदर से एमडी ड्रग्स बनाने की पूरी फैक्ट्री था। इस रैकेट के मास्टरमाइंड अनिल सिहाग को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस सेटअप को खड़ा किया था, ताकि किसी को शक न हो। यहीं तैयार की गई ड्रग्स को महाराष्ट्र समेत कई अन्य राज्यों में सप्लाई किया जाता था। पुलिस ने बुलडोजर चलाकर पूरे अवैध निर्माण और ड्रग्स फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया। किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
नशा कारोबारियों में हड़कंप, गांव वालों को मिली राहत
इस बड़ी कार्रवाई के बाद नशे के कारोबार से जुड़े लोगों में दहशत का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने हर संभावित स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिससे ऑपरेशन शांतिपूर्वक पूरा किया जा सके।
वहीं, गांव के लोगों ने पुलिस की इस सख्त कार्रवाई पर राहत की सांस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उन्हें इस फार्म की गतिविधियों पर संदेह था। पुलिस ने साफ किया है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और आगे भी नशे के खिलाफ इसी तरह कठोर कदम उठाए जाते रहेंगे।














