
राजस्थान की परंपरा और नृत्य-संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस साल प्रदेश में पहली बार ‘घूमर फेस्टिवल 2025’ का आयोजन होने जा रहा है। 19 नवंबर को राज्य के सातों संभाग मुख्यालयों — जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर, कोटा और भरतपुर — में एक साथ यह रंगारंग आयोजन किया जाएगा। यह फेस्टिवल राजस्थान की लोककला, पारंपरिक परिधान और सांस्कृतिक गर्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर जीवंत रूप में प्रदर्शित करेगा।
उप मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दीया कुमारी ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि इस वर्ष का राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम के फुटबॉल ग्राउंड पर भव्यता के साथ संपन्न होगा। यह समारोह दोपहर 3 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेगा। उन्होंने कहा कि “राजस्थान पर्यटन विभाग” इस पूरे फेस्टिवल का संचालन कर रहा है और सभी संभागों में कार्यक्रम की सुचारु रूप से व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
‘एक धुन, एक ताल’ पर झूमेगा राजस्थान
दीया कुमारी ने बताया कि घूमर फेस्टिवल की खास बात यह होगी कि सभी सात संभागों में एक ही साउंड ट्रैक पर नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। इस तरह यह पूरा आयोजन ‘सिंक क्रोनाइज्ड परफॉर्मेंस’ के रूप में रिकॉर्ड बनाया जाएगा। जयपुर में होने वाले मुख्य कार्यक्रम में ज्योति तोमर के निर्देशन में गणगौर घूमर डांस अकादमी और जयपुर से चयनित कलाकार लाइव म्यूजिक की धुन पर पारंपरिक घूमर नृत्य प्रस्तुत करेंगे।
सभी वर्गों की महिलाओं के लिए खुला अवसर
यह उत्सव हर वर्ग की महिलाओं और लड़कियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देगा। 12 वर्ष से अधिक आयु की कोई भी लड़की या महिला — चाहे वह छात्रा हो, गृहिणी, प्रोफेशनल डांसर या कामकाजी महिला — इस फेस्टिवल में हिस्सा ले सकती है। सबसे खास बात यह है कि भाग लेने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। इच्छुक प्रतिभागी ghoomar.rajasthan.gov.in वेबसाइट पर जाकर निःशुल्क पंजीकरण कर सकती हैं।
प्रशिक्षण और वर्कशॉप
प्रतिभागियों की तैयारी के लिए सातों संभागों में मुफ्त वर्कशॉप भी आयोजित की जा रही हैं। जयपुर में यह 6 दिवसीय वर्कशॉप (11 से 16 नवंबर 2025) जवाहर कला केंद्र में चल रही है, जहां प्रशिक्षक पारंपरिक घूमर की बारीकियों और ताल-लय के संगम को सिखा रहे हैं।
पुरस्कार और सम्मान
प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार भी रखे गए हैं — बेस्ट ग्रुप डांस, बेस्ट ग्रुप कॉस्ट्यूम, बेस्ट ग्रुप ज्वेलरी, बेस्ट ग्रुप सिंक्रोनाइजेशन, और बेस्ट ग्रुप कोरियोग्राफी। इससे महिलाओं को अपने हुनर के प्रदर्शन का मंच ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक गर्व का सम्मान भी मिलेगा।
इस अवसर पर राजस्थान धरोहर प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत और पर्यटन विभाग की आयुक्त रुक्मणि रियार भी उपस्थित रहेंगी। घूमर फेस्टिवल न केवल राजस्थान की लोक-संस्कृति को नई पहचान देगा, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण और सामूहिक एकता का भी प्रतीक बनेगा।














